दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी- जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खैरी में प्रशासनिक अव्यवस्था और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन अक्सर बंद रहता है, जिससे उनके दैनिक और जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पंचायत क्षेत्र में अधूरे और खराब निर्माण कार्यों को लेकर भी लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
पंचायत में ताला, कामकाज ठप
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन पर अक्सर ताला लटका रहता है, जिसके कारण प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं, मजदूरी भुगतान और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें कई बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन मौके पर न तो सचिव मिलते हैं और न ही सरपंच उपलब्ध होते हैं।
निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पिछले दो से तीन वर्षों में हुए कई कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। पंचायत भवन के हिस्सों में टूट-फूट दिखाई दे रही है, श्मशान घाट से सामग्री गायब होने की शिकायतें हैं और कुछ पुलियाओं में दरारें भी नजर आने लगी हैं। साथ ही कई स्थानों पर नालियां जाम होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत के लिए भी लगाने पड़ रहे चक्कर
ग्रामीणों का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत करने पर भी उन्हें बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सरपंच का पक्ष भी आया सामने
ग्राम पंचायत खैरी के सरपंच अनिल सनोडिया ने बताया कि नालियों से जुड़े कार्य जल्द कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ समय से फंड संबंधी समस्याएं थीं, जिसके कारण कुछ कार्य प्रभावित हुए, लेकिन अब उनका निराकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “जहां-जहां नालियां चोक हो रही हैं या अन्य आवश्यक कार्य लंबित हैं, उन्हें जल्द कराया जाएगा। मेरा फोन हमेशा चालू रहता है। यदि इसके बावजूद ग्रामीण शिकायत कर रहे हैं, तो इस पर मैं ज्यादा कुछ नहीं कह पाऊंगा।”
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत सिवनी के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर पंचायत की व्यवस्थाओं को नियमित करने, जिम्मेदारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे जनपद मुख्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।
