एक वर्ष बाद भी नहीं शुरू हुआ पुनर्निर्माण कार्य, छात्र-छात्राओं, मरीजों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला,/मवई। जनपद पंचायत मवई अंतर्गत ग्राम पंचायत बंदरवाड़ी के मगरवाड़ा के पास फदेज नदी पर बना पुल पिछले वर्ष आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के बाद आज तक अपनी मरम्मत की राह देख रहा है। जुलाई 2025 की भारी बारिश के दौरान पुल का आधा हिस्सा बह जाने से क्षेत्र के तीन गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ था। ग्राम पंचायत द्वारा शासन-प्रशासन को कई बार लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्राम पंचायत बंदरवाड़ी द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिछिया को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि पुल के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के तीन गांवों के लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं, गर्भवती महिलाएं, बीमार व्यक्ति एवं आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने वाले ग्रामीण सबसे अधिक प्रभावित हैं।
पंचायत ने फिलहाल अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था कर आवागमन को किसी तरह चालू रखा है, लेकिन आगामी मानसून को देखते हुए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो एक बार फिर तीनों गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट सकता है।
समय रहते कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पुल की तत्काल मरम्मत कराई जाए और भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए स्थायी समाधान के रूप में नए एवं मजबूत पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए।
ग्रामीण बोले— पुल नहीं, हमारी जीवनरेखा है
क्षेत्रवासियों का कहना है कि फदेज नदी पर बना यह पुल केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि तीन गांवों की जीवनरेखा है। इसकी बदहाली से शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आगामी बरसात में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
दैनिक रेवांचल टाइम्स की टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों को अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार है ताकि बरसात से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
