स्कूल-छात्रावास खुलने से पहले ही व्यवस्था फेल, आखिर बिना गैस कैसे बनेगा खाना…?
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आ रही है। स्कूलों और छात्रावासों के लिए रसोई गैस कार्ड जारी करने में भारी लापरवाही बरती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि अधिकांश स्कूलों एवं छात्रावासों को अब तक गैस कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जबकि नया शिक्षा सत्र शुरू होने में ज्यादा समय नहीं बचा है।
वही सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब स्कूल और छात्रावास पूरी तरह शुरू हो जाएंगे तब हजारों बच्चों के लिए भोजन आखिर कैसे तैयार होगा…? बिना गैस के रसोई कैसे चलेगी…? जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं…?
नागरिकों और अभिभावकों में अभी से चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन शिक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। यदि समय रहते गैस कार्ड जारी नहीं किए गए तो मध्यान्ह भोजन और छात्रावासों की भोजन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिसका सीधा असर गरीब और आदिवासी बच्चों पर पड़ेगा।
जानकारों का कहना है कि हर वर्ष शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जानी चाहिए, लेकिन मंडला जिले में हर बार की तरह इस बार भी लापरवाही और सुस्ती हावी दिखाई दे रही है। स्कूल भवनों की हालत खराब, छात्रावासों में अव्यवस्था और अब गैस कार्ड की समस्या ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नागरिकों ने मांग की है कि स्कूलों एवं छात्रावासों के लिए विशेष अभियान चलाकर तत्काल रसोई गैस कार्ड जारी किए जाएं तथा बिना किसी बाधा के नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों के भोजन जैसी मूलभूत व्यवस्था प्रभावित न हो।
संभावित तीखी हेडिंग्स
बच्चों के निवाले पर अफसरशाही का ग्रहण…!
स्कूल खुलेंते ही, चूल्हा कैसे जलेगा…?
गैस कार्ड के बिना शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहे छात्रावासों में भोजन संकट की आहट, जिम्मेदार मौन, लापरवाही ऐसी कि बच्चों के खाने तक पर खतरा
