श्रावण सोमवार का महत्व….

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष में भी श्रावण मास हिंदू पंचांग के अनुसार पांचवा महीना माना जाता है श्रावण मास शिव जी को विशेष प्रिय है शिव पुराण के अनुसार शिवजी ने स्वयं श्रावण मास के बारे में कहा कि श्रावण सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है सावन के महीने में भक्ति हर सोमवार का व्रत रखते हैं और सावन का महीना सबसे शुभ माना जाता है भगवान शिव को सोमनाथ या सोमेश्वर के नाम से जाना जाता है सोमवार शब्द चंद्रमा से जुड़ा है और सोम का अर्थ होता है चंद्र भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।


पंडित संदीप ज्योतिषी ने बताया कि श्रावण मास के दौरान भगवान शिव अपने ससुराल जाते हैं और देवी पार्वती के साथ वहीं रहते हैं एक बार भगवान शिव ने प्रजापति दक्ष को वचन दिया था की वह श्रावण मास में उनके यहां आएंगे और पूरे मास वही रहेंगे इसलिए श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं सावन का महीना उन भक्तों के लिए शुभ माना जाता है जो अविवाहित हैं ऐसा माना जाता है की जो भक्त सावन मास के दौरान पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान शिव की पूजा करते हैं उन्हें मनचाहा जीवन साथी मिलता है या मनचाही इच्छा पूर्ति होती है भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से जाना जाता है और भोलेनाथ हमेशा भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।


स्कंद पुराण के अनुसार श्रावण मास के प्रदोष से युक्त सोमवार को सावन के महीने में प्रदोष यदि सोमवार को पड़े तो इस दिन शिव पूजा का विशेष महत्व है जो केवल सोमवार को भी भगवान शंकर की पूजा करते हैं उनके लिए ईहलोक और परलोक में कोई भी वस्तु दुर्लभ नहीं सोमवार को व्रत करके पवित्र होकर इंद्रियों को बश में रखते हुए वैदिक अथवा लौकिक मत्रों से विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए ब्रह्मचारी गृहस्थ कन्या सुहागिन स्त्री अथवा कोई भी क्यों ना भगवान शिव की पूजा करके मनौवांछित फल प्राप्त कर सकता है

सावन सोमवार पूजा अनुष्ठान

सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें घर में भगवान शिव का स्मरण करके घी का दीपक जलाएं मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा करें जलाभिषेक करें और पंचामृत से अभिषेक करें बेलपत्र भांग धतूरा सफेद फूलों की माला फल मिठाई चढ़ाएं ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें जो लोग सात्विक भाव एवं नियमों से भगवान शिव की पूजा करते हैं उन्हें मनवांछित फल प्राप्त होता है सावन मास की दोनों पक्षों में प्रत्येक सोमवार को ऐसा करने पर भगवान की कृपा प्राप्त होती है कृपा और पूजा से मिली शक्तियों के सामने मृत्यु के देवता यमराज भी नतमस्तक हो जाते हैं।


वही शिव पुराण में बताया गया है कि श्रावण मास के शिव जी की पूजा करने से हर प्रकार के शुभ फलों की प्राप्ति होती है श्रावण मास में अकाल मृत्यु दीर्घायु की प्राप्ति के लिए सभी व्याधियों को दूर करने के लिए विशेष पूजा करनी चाहिए मरकंडू ऋषि के पुत्र मार्कंडेय ने लंबी आयु के लिए श्रावण मास में ही घोर तप कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त की थी जिससे मिली मंत्र शक्तियों के सामने मृत्यु के देवता यमराज भी नतमस्तक हो गए थे श्रावण मास में मनुष्य को नियम पूर्वक एक टाइम सात्विक आहार लेना चाहिए
ओम नमः शिवाय के अतिरिक्त चंद्र बीज मंत्र ओम च चंद्र मसे नमः मंत्र का जाप करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

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