जनपद पंचायत को भूमि आवंटन के विरोध में ग्राम पंचायत बजाग रैयत ने उठाए सवाल, नायब तहसीलदार को सौंपा आपत्ति पत्र

Revanchal
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बजाग – जनपद पंचायत बजाग द्वारा ग्राम पंचायत बजाग रैयत की सार्वजनिक भूमि को अपने नाम आवंटित कराने के प्रस्ताव का ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने विरोध किया है। इस संबंध में 29 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत बजाग रैयत की ओर से नायब तहसीलदार बजाग को आपत्ति आवेदन सौंपकर प्रस्तावित भूमि आवंटन निरस्त करने की मांग की गई है।


आवेदन में बताया गया है कि जिस भूमि को जनपद पंचायत के नाम आवंटित करने का प्रस्ताव है, उसी दौरान जनपद पंचायत का नया भवन पड़रिया डोंगरी में निर्माणाधीन है। भवन पूर्ण होने के बाद जनपद पंचायत कार्यालय वहीं संचालित होगा। ऐसे में बजाग रैयत स्थित भूमि को जनपद पंचायत के नाम आवंटित करना ग्राम पंचायत के अनुसार तर्कसंगत नहीं है।
ग्राम पंचायत ने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित खसरा नंबर 25, 37, 47 एवं 48 की लगभग 3.670 हेक्टेयर (करीब 9 से 10 एकड़) आबादी भूमि ग्राम पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति है। इस भूमि पर वर्तमान में लोक सेवा केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, मंगल भवन संचालित हैं तथा बस स्टैंड भी स्थित है, जहां से शहडोल, अमरकंटक, डिंडोरी, छत्तीसगढ़ और पड़रिया मार्ग के लिए बसों का संचालन होता है। इसके अलावा इसी क्षेत्र में साप्ताहिक गुरुवार बाजार भी लगता है।


सरपंच एवं ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के आधिपत्य में पूर्व से ही लगभग 9 से 10 एकड़ आबादी भूमि है। इसी भूमि पर ग्रामीणों की आस्था का केंद्र मंदिर भी स्थित है। उनका कहना है कि यदि यह भूमि जनपद पंचायत के नाम आवंटित कर दी जाती है, तो ग्राम पंचायत बजाग रैयत के पास भविष्य में सार्वजनिक उपयोग के लिए कोई खाली भूमि नहीं बचेगी। इससे गांव में सामुदायिक भवन, सार्वजनिक सुविधाओं अथवा अन्य आवश्यक विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं रहेगी।


ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब जनपद पंचायत का नया भवन पहले से ही दूसरे स्थान (पड़रिया डोंगरी) पर बनाया जा रहा है, तो फिर पुराने जनपद भवन एवं उसके आसपास उपलब्ध खाली भूखंड पर अधिकार जताना ग्रामवासियों का हक छीनने जैसा है उनका कहना है कि नई जगह निर्माण के बावजूद बजाग रैयत की सार्वजनिक भूमि को अपने नाम आवंटित करने का औचित्य समझ से परे है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि भविष्य में जनपद पंचायत कार्यालय पड़रिया डोंगरी स्थानांतरित हो जाता है, तो बजाग रैयत की यह भूमि अनावश्यक रूप से जनपद पंचायत के नाम दर्ज रह जाएगी। वहीं साप्ताहिक बाजार के स्थान परिवर्तन की भी आशंका है, जिससे ग्रामीणों और व्यापारियों को असुविधा हो सकती है।


ग्राम पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामवासियों के हितों एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक उपयोग की इस भूमि का प्रस्तावित आवंटन निरस्त किया जाए। आवेदन पर सरपंच सहित ग्राम पंचायत के पंचों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं

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