ईद मिलाद-उन-नवी, भुजलिया, जन्माष्टमी एवं गणेश उत्सव को लेकर शांति समिति की बैठक सम्पन्न

Revanchal
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कलेक्टर नारायन ने अधिकारियों को दिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

परंपरागत मार्गों से निकलेंगे जुलूस, यातायात, विद्युत, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

जिले में आगामी ईद मिलाद-उन-नवी, भुजलिया, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश उत्सव पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न कराने के उद्देश्य से आज कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, एसडीएम छिंदवाड़ा सुधीर जैन, आयुक्त नगर पालिक निगम सी.पी.राय एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।

बैठक में आगामी धार्मिक पर्वों के दौरान निकलने वाले जुलूसों के मार्ग, समय, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत तारों की व्यवस्था, चिकित्सा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं सहित विसर्जन स्थलों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

ईद मिलाद-उन-नवी पर्व पर विशेष व्यवस्थाएं- बैठक में ईद मिलाद-उन-नवी पर्व के आयोजन की जानकारी समिति के सदस्यों द्वारा दी गई। ईद मिलाद-उन-नवी पर्व 26 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। पर्व के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सजावट की जाएगी तथा विभिन्न स्थानों पर लंगर का आयोजन किया जाएगा। 25 अगस्त की रात्रि से ईद मिलाद-उन-नवी मैदान में जलसा एवं तकरीर का आयोजन होगा। 26 अगस्त को सुबह कार्यक्रम, दोपहर में बच्चों का तालीमी मुकाबला तथा रात्रि में सवाल-जवाब कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
ईद मिलाद-उन-नवी के अवसर पर 26 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे आजाद चौक से जुलूस-ए-मोहम्मदी प्रारंभ होगा। जुलूस राज टॉकीज, गोलगंज, फव्वारा चौक, बस स्टैंड, यातायात थाना, अलका टॉकीज, तिलक मार्केट, गणेश चौक, रॉयल चौक एवं करबला चौक होते हुए पुनः आजाद चौक पहुंचेगा। जुलूस में विभिन्न क्षेत्रों एवं आसपास के ग्रामों से आने वाली टोलियां शामिल होंगी। जुलूस के पारंपरिक मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जुलूस मार्ग में सीवरेज के गड्ढों की मरम्मत, साफ-सफाई, चूने की लाइन, यातायात व्यवस्था तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। पर्व के दौरान राज टॉकीज, गर्ल्स कॉलेज, मेन रोड, बस स्टैंड, छोटा बाजार एवं गणेश चौक सहित प्रमुख स्थानों पर विशेष यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जुलूस के पीछे कचरा संग्रहण वाहन चलाने तथा मार्ग में पर्याप्त सफाई व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए।

भुजलिया पर्व पर जुलूस एवं विसर्जन व्यवस्था- बैठक में भुजलिया पर्व के अंतर्गत शहर में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं जुलूसों की जानकारी दी गई। छोटी बाजार क्षेत्र में 29 अगस्त को जुलूस आयोजित किया जाएगा। जुलूस राम मंदिर एवं बड़ी माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रारंभ होकर निर्धारित पारंपरिक मार्ग से होते हुए बड़ा तालाब पहुंचेगा। जुलूस मार्ग की साफ-सफाई, गड्ढों की मरम्मत, निर्माण सामग्री हटाने, अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को हटाने, प्रकाश व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जुलूस मार्ग का संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण करने को कहा गया।

चार फाटक क्षेत्र में 30 अगस्त को भुजलिया उत्सव आयोजित होगा। संतोषी माता मंदिर से जुलूस प्रारंभ होकर निर्धारित मार्ग से पातालेश्वर क्षेत्र पहुंचेगा तथा भुजलिया विसर्जन किया जाएगा। क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने, साफ-सफाई, यातायात तथा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बड़ा तालाब एवं पातालेश्वर विसर्जन स्थलों पर नाव, गोताखोर, रेस्क्यू टीम, बैरिकेडिंग, मंच, जनरेटर, वॉच टावर, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। विसर्जन स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल एवं महिला पुलिस बल की तैनाती के साथ ही शराब का सेवन कर जुलूस में शामिल होने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बड़ा तालाब में स्वच्छता व्यवस्था के लिए नगर निगम की अलग-अलग टीमों को कार्यक्रम के पूर्व एवं कार्यक्रम के पश्चात सफाई कराने के निर्देश दिए गए। जलकुंभी एवं गंदगी हटाने तथा विसर्जन स्थल को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ कार्यक्रमों के लिए व्यवस्था- बैठक में बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। इसके एक दिन पूर्व तथा जन्माष्टमी के दिन विभिन्न स्थानों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों को वालंटियरों की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराने तथा कार्यक्रम का स्थान, मार्ग एवं समय की जानकारी लिखित रूप में देने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रमों के दौरान पुलिस एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

गणेश उत्सव के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था- बैठक में बताया गया कि गणेश उत्सव 14 सितंबर से प्रारंभ होकर 25 एवं 26 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन तक चलेगा। गणेश उत्सव के दौरान शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए। गणेश पंडाल सड़क पर नहीं लगाए जाएंगे तथा निर्धारित स्थान पर ही पंडाल स्थापित किए जाएंगे। सभी गणेश मंडलों को आवश्यक अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेने के निर्देश दिए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण यातायात बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखने तथा थाना स्तर पर गणेश मंडलों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। गणेश उत्सव के दौरान महिला सुरक्षा के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल तैनात करने तथा फव्वारा चौक क्षेत्र में मेडिकल टीम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थाई प्रसाधन एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

पीओपी एवं रासायनिक सामग्री से मूर्ति निर्माण पर रोक – बैठक में गणेश मंडलों एवं मूर्तिकारों को निर्देशित किया गया कि गणेश प्रतिमाओं का निर्माण निर्धारित सीमा के अनुरूप किया जाए। प्रतिमा निर्माण में प्राकृतिक एवं पारंपरिक मिट्टी का उपयोग किया जाए तथा पीओपी, रासायनिक पदार्थ एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का उपयोग न किया जाए। पूजन सामग्री, फूल-माला, नारियल, वस्त्र, प्लास्टिक एवं कागज से बनी सजावटी सामग्री को विसर्जन से पहले अलग निकालकर निर्धारित स्थान पर एकत्रित करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर रहेंगी विशेष व्यवस्थाएं- गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए छोटा तालाब, कुलबेहरा नदी सहित निर्धारित विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल, होमगार्ड, नाव, गोताखोर, बैरिकेडिंग एवं रेस्क्यू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं साफ-सफाई बनाए रखने को कहा गया। विसर्जन मार्गों पर विद्युत तारों को व्यवस्थित करने, ट्रांसफार्मरों के आसपास बैरिकेडिंग कराने तथा आवश्यक स्थानों पर स्टॉपर लगाने के निर्देश दिए गए। बड़े वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने तथा फव्वारा चौक से छोटा तालाब क्षेत्र में आवश्यकतानुसार भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए।
मूर्ति विसर्जन मार्गों—पोला ग्राउंड, फव्वारा चौक, गोलगंज, छोटा बाजार, चार फाटक, साकेत होटल क्षेत्र, छोटा तालाब, बरारीपुरा एवं छापाखाना सहित अन्य स्थानों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं सड़क के गड्ढों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में निर्देश- बैठक में डीजे संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें शासन एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समय में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। समिति द्वारा आगामी धार्मिक पर्वों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के सीमित एवं निर्धारित उपयोग पर भी चर्चा की गई। जुलूस में शराब का सेवन कर शामिल होने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा एवं आपातकालीन व्यवस्था रहेगी उपलब्ध- धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों के दौरान आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए एम्बुलेंस एवं चिकित्सा दल उपलब्ध रखने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन को दिए गए। विसर्जन स्थलों पर भी आवश्यकता के अनुसार एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं चिकित्सा दल उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।

सभी पर्व आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ मनाने की अपील- बैठक के अंत में कलेक्टर श्री नारायन ने शांति समिति के सदस्यों एवं जिलेवासियों से अपील की कि ईद मिलाद-उन-नवी, भुजलिया, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश उत्सव सहित सभी धार्मिक पर्व पूर्व परंपरा के अनुसार शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे की भावना के साथ मनाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जुलूस मार्गों एवं विसर्जन स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण कराई जाएं। स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, यातायात, विद्युत, सुरक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। जुलूस के पश्चात तत्काल सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विसर्जन स्थलों पर पुलिस, होमगार्ड एवं आवश्यकतानुसार मजिस्ट्रेट की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में लिए गए निर्णयों का संबंधित विभागों द्वारा समय पर पालन सुनिश्चित करने के निर्देश के साथ बैठक का समापन किया गया।

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