मंडला पुलिस के 45 पुलिस अधिकारी हुए प्रशिक्षित

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मंडला पुलिस के 45 पुलिस अधिकारी हुए प्रशिक्षित

रेवांचल टाईम्स- मंडला जिले में /ST प्रकरणों की विवेचना में संवेदनशील दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता हेतु मंडला में विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न

अनुसूचित जाति-जनजाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता विषय पर मंडला पुलिस द्वारा कार्यशाला आयोजित

पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन आज कंट्रोल रूम, मंडला में किया गया।


कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में माननीय न्यायाधीश श्री राजेश कुमार रावतकर, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) महोदय मंडला द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रावधानों, सविधान में उल्लेखित विशेष प्रावधानों, कानुन एवं उनके अधिकारों के संरक्षण पर प्रकाश डाला, जो इन वर्गों के सदस्यों के खिलाफ अत्याचारों को रोकने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे यह अधिनियम पीड़ितों को राहत और पुनर्वास प्रदान करता है एवं बतौर पुलिस अधिकारी आपकी इसमें क्या भूमिका है।

45 police officers of Mandla Police were trained
45 police officers of Mandla Police were trained


कार्यक्रम को अलग-अलग सत्रों में विभाजित करते हुए विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्याताओं द्वारा मार्गदर्शन किया गया, जिनमें शामिल रहे लोक अभियोजन अधिकारी श्री एस.एस. ठाकुर द्वारा प्रकरणों की विवेचना, जब्ती की प्रकिया एवं सावधानियां, प्रक्रियागत त्रुटियां, पंचनामा और उसके महत्व, चालान आदि से अवगत कराया। डीएसपी अजाक श्रीमती अर्चना आहिर द्वारा विवेचना में संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश, एसडीओपी निवास श्री पीएस वालरे द्वारा अजाक प्रकरणों की विवेचना के व्यवहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन, एसडीओपी मंडला श्री पीयूष मिश्रा व एसडीओपी बिछिया श्री सौरभ द्वारा कानूनी प्रक्रिया व अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई पर व्याख्यान थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शफीक खान द्वारा फील्ड स्तर पर अनुभव आधारित जानकारी साझा की गई।


कार्यशाला का समापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला श्री शिव कुमार वर्मा के व्याख्यान के साथ हुआ। उन्होंने विधिक जानकारी के साथ तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के संतुलित समावेश पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे अनुसूचित जाति-जनजाति वर्गों के पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने में प्रभावी एवं व्यावहारिक कार्य किया जा सकेगा। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त कर प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया।


इस प्रशिक्षण में मंडला जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए पुलिस अधिकारियों, विवेचकों एवं अन्य स्टाफ सहित कुल 45 अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला का उद्देश्य संवेदनशील वर्गों के प्रति उत्तरदायी, दक्ष एवं न्यायपरक पुलिस व्यवस्था को और अधिक सशक्त करना, संवेदनशील वर्गों से संबंधित मामलों में पुलिस अधिकारियों की कार्यकुशलता एवं जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा।

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