रेवांचल टाईम्स रिपोर्ट। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण सर्दी-खाँसी और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में भी सर्दी, खाँसी और गले में खराश से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में डॉक्टर और आयुर्वेद विशेषज्ञ घरेलू उपायों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं, जो न केवल सुरक्षित हैं बल्कि शुरुआती लक्षणों में काफी प्रभावी भी माने जाते हैं।
घरेलू नुस्खे जो दिलाएँ तुरंत राहत

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दी-खाँसी की समस्या में अदरक और शहद का सेवन बेहद लाभकारी होता है। अदरक का रस और शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने से खाँसी और गले की सूजन में राहत मिलती है।
वहीं, रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना इम्यूनिटी को मजबूत करता है और कफ को कम करने में मदद करता है। तुलसी, अदरक और काली मिर्च से तैयार काढ़ा वायरल संक्रमण से लड़ने में कारगर माना जाता है।
भाप और गरारे भी असरदार

डॉक्टरों का कहना है कि गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले की खराश कम होती है। इसके अलावा भाप लेने से बंद नाक और छाती की जकड़न में तुरंत राहत मिलती है।
खान-पान में बरतें सावधानी
सर्दी-खाँसी के दौरान गर्म पानी, सूप और हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ठंडी चीजें, आइसक्रीम और बहुत तला-भुना भोजन समस्या को बढ़ा सकता है।
कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि 3–4 दिन में आराम न मिले, तेज बुखार आए या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के मामले में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
बदलते मौसम में सावधानी और घरेलू उपाय अपनाकर सर्दी-खाँसी से बचाव संभव है। शुरुआती लक्षण दिखते ही सही देखभाल से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
