
जबलपुर। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच भी ग्वारीघाट में मां नर्मदा की आरती पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ निरंतर जारी है। तापमान गिरने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। हर शाम ग्वारीघाट पर मां नर्मदा की भव्य आरती का दृश्य भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
पूरी श्रद्धा से करते है पुजारी आरती

ठंड की परवाह किए बिना पुजारी और सेवक समय पर आरती की सभी तैयारियां पूरी करते हैं। दीपों की रोशनी, शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ जब मां नर्मदा की आरती शुरू होती है, तो पूरा घाट भक्तिमय माहौल में डूब जाता है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी ठंडे मौसम में मां नर्मदा के दर्शन और आरती में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है यह धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि आस्था है
स्थानीय लोगों का कहना है कि मां नर्मदा की आरती केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जो वर्षों से बिना रुके निभाई जा रही है। चाहे बारिश हो, ठंड हो या कोई भी मौसम—मां नर्मदा की आरती कभी बाधित नहीं हुई।
श्रद्धालुओं का मानना है कि मां नर्मदा की आरती में शामिल होने से मन को शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यही कारण है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद ग्वारीघाट पर हर दिन आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।
