रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस का आयोजन

Revanchal
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विशेषज्ञ – डॉ. आर. आर. कुर्रे, पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर

दैनिक रेवांचल टाईम्‍स जबलपुर/नरसिंहपुर। दिनांक 10 फरवरी 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस (National Deworming Day – NDD) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के बच्चों को कृमि मुक्त बनाना तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना है।

इस अभियान के अंतर्गत 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल दवा की निःशुल्क खुराक दी जाती है,

जिससे पेट में होने वाले कीड़ों (कृमि) से होने वाले संक्रमण को रोका जा सके। यह दवा आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं सरकारी अस्पतालों के माध्यम से साल में दो बार दी जाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य “कृमि मुक्त भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करना है।


कार्यक्रम की थीम कृमि मुक्त भारत एवं बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता

कार्यक्रम की थीम कृमि मुक्त भारत एवं बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रखी गई। इस दौरान बताया गया कि कृमि संक्रमण के कारण बच्चों में पोषण की कमी, खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी, थकान, पेट दर्द, दस्त, चिड़चिड़ापन और पढ़ाई में मन न लगना जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिससे उनके समग्र विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


बच्चों में पाए जाने वाले प्रमुख कृमि एवं उनके लक्षण

गोल कृमि (Roundworm) – भूख न लगना, कुपोषण, पेट दर्द, कमजोरी
टेप वर्म (Tapeworm) – कच्चा या अधपका मांस खाने से संक्रमण
पिन वर्म (Pinworm) – गुदा क्षेत्र में खुजली
हुक वर्म (Hookworm) – खून की कमी, कमजोरी
व्हिप वर्म (Whipworm) – पेट दर्द, दस्त
थ्रेड वर्म (Threadworm) – अधिक दस्त, एनीमिया, पेट दर्द

बचाव के उपाय

कार्यक्रम में बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छता और साफ-सफाई के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। बताया गया कि
शौच से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोएं
भोजन और पानी को ढककर रखें
कच्चा या अधपका मांस न खाएं
स्वच्छ वातावरण बनाए रखें
मॉप-अप दिवस


जो बच्चे 10 फरवरी 2026 को दवा नहीं ले पाए, उनके लिए 13 फरवरी 2026 एवं उसके बाद मॉप-अप दिवस के अंतर्गत अल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी।
इस अवसर पर चिकित्सकों ने स्कूल शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों से अपील की कि वे हर 6 महीने में बच्चों को कृमि नाशक दवा अवश्य दिलाएं, ताकि बच्चों का समुचित शारीरिक-मानसिक विकास हो सके और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सके।


विशेषज्ञ
डॉ. आर. आर. कुर्रे
पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर


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