पीएम जनमन योजना की सड़क में अवैध उत्खनन का आरोप, बिना अनुमति शासकीय भूमि से मुर्रम की खुदाई

Revanchal
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घटिया निर्माण और जनप्रतिनिधियों की सहमति से काम होने के आरोप

रेवांचल टाइम्स | मंडला।
आदिवासी बहुल मंडला जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन अब आम बात होती जा रही है। न स्थानीय प्रशासन की सख्त निगरानी दिखाई देती है और न ही जिला प्रशासन की सक्रियता। राजनीतिक संरक्षण और जनप्रतिनिधियों के कथित सहयोग के चलते यह अवैध गतिविधियां बेखौफ जारी हैं। ताजा मामला तहसील मुख्यालय घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत छिवलाटोला का सामने आया है।


पीएम जनमन योजना की सड़क पर उठे सवाल, ग्राम पंचायत छिवलाटोला में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। रेवांचल टाइम्स की टीम द्वारा जब मौके पर जानकारी एकत्र की गई, तो सामने आया कि सड़क का निर्माण घटिया गुणवत्ता से किया जा रहा है। आरोप है कि यह कार्य जनप्रतिनिधियों की पूर्ण सहमति से संचालित हो रहा है।


शासकीय भूमि से अवैध उत्खनन
सबसे गंभीर आरोप यह है कि सड़क निर्माण के लिए शासकीय भूमि से बिना किसी वैध अनुमति के मुर्रम का उत्खनन किया जा रहा है। न तो उत्खनन की अनुमति ली गई है और न ही संबंधित विभागों को इसकी विधिवत जानकारी दी गई है। इसके बावजूद खुलेआम उत्खनन कर उसी मुर्रम से सड़क की फिलिंग की जा रही है।
प्रशासन की अनदेखी या मौन सहमति?


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कार्य प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद रोका नहीं जा रहा, जिससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि अवैध उत्खनन को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है। सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई करेगा या फिर उन्हें अभयदान देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
इनका कहना है


“मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। यह पूरी सड़क का काम रोचीराम गुरवानी का है। उन्होंने अनुमति ली है या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। आप उनके बेटे से बात कर लीजिए, वही पूरी जानकारी दे पाएंगे।”


— सुग्रीव मरकाम, सुपरवाइजर, पीएम जनमन सड़क
अब देखना यह होगा कि इस गंभीर मामले में जिला प्रशासन, खनिज विभाग और पंचायत विभाग कब तक संज्ञान लेते हैं और क्या अवैध उत्खनन व घटिया निर्माण पर ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

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