रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जिले में बच्चों में किडनी संबंधी बीमारी के बढ़ते मामलों पर कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), डीन मेडिकल कॉलेज और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर बच्चों का सही और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से प्रोएक्टिव होकर काम करे और किसी भी स्थिति को गंभीर होने से रोके। उन्होंने सीएमएचओ को मामलों की लगातार पुख्ता मॉनिटरिंग करने को कहा।
जीवन रक्षक उपचार के लिए ‘एयर एंबुलेंस’ का उपयोग
उपचार की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यदि मरीज को तत्काल रेफर करने की आवश्यकता हो, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार ‘पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा’ के तहत एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की जाए, ताकि समय पर जीवन रक्षक उपचार मिल सके। जरूरत पड़ने पर मरीजों को नागपुर स्थित एम्स अस्पताल रेफर करने का भी निर्देश दिया गया।
गलत दवाओं से स्थिति बिगाड़ने वाले ‘झोला छाप डॉक्टरों’ पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में डॉक्टरों ने जानकारी दी कि कुछ परिजन बच्चों का इलाज झोला छाप डॉक्टरों से करा रहे हैं, जहां गलत दवाओं के उपयोग से स्थिति बिगड़ रही है। इस पर कलेक्टर सिंह ने ऐसे डॉक्टरों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर सिंह ने Coldrif एवं Nextro-DS सिरप का उपयोग पूरी तरह से बंद करने को कहा और मेडिकल संचालकों को भी बच्चों को कॉम्बिनेशन वाले सिरप न देकर केवल साधारण प्लेन सिरप ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

अभिभावकों से कलेक्टर की विशेष अपील इन 7 बातों का रखें ध्यान
- बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कलेक्टर सिंह ने अभिभावकों से विशेष अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि झोला छाप डॉक्टरों से इलाज बिल्कुल न कराएं और इन 7 महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दें
- बिना प्रिस्क्रिप्शन के बच्चों को दवा न दें।
- सर्दी-खांसी होने पर बच्चों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं।
- हर 6 घंटे में ध्यान रखें कि बच्चा यूरिन कर रहा है या नहीं; यदि नहीं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- उल्टी या सुस्ती की स्थिति में विलंब न करें और तत्काल चिकित्सक के पास जाएं।
- बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाएं।
- यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहता है तो तुरंत इलाज कराएं।
- कलेक्टर सिंह ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से लें और किसी भी बच्चे के उपचार में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
