इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने हाल ही में भारत से आयातित वस्तुओं पर 50% तक का टैरिफ लगाया है, जिसे दुनिया में सबसे ज़्यादा माना जाता है। इसके अलावा, H-1B वीज़ा शुल्क में वृद्धि ने भारत के आर्थिक नुकसान को और बढ़ा दिया है। इन फैसलों ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में खटास ला दी है।
इसके बावजूद, अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच संबंध सकारात्मक और मज़बूत बने हुए हैं। अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच इस साल के अंत में या 2026 की शुरुआत में मुलाकात होने की उम्मीद है।
क्वाड शिखर सम्मेलन की तैयारी
भारत जल्द ही अगले क्वाड शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा, जिसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल होंगे। पिछली बैठक 2024 में अमेरिका के डेलावेयर में हुई थी। इस बार, भारत के नेतृत्व में, चारों देश रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी दबाव
अमेरिका ने रूस से भारत की तेल खरीद पर 25% अतिरिक्त शुल्क भी लगाया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे नहीं चाहते कि यूक्रेन युद्ध से रूस को आर्थिक लाभ हो। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है और भारत सहित यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है।
ट्रंप-मोदी संबंधों में गर्मजोशी
हालाँकि व्यापार और ऊर्जा के मुद्दों पर मतभेद हैं, राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर मोदी को अपना “खास दोस्त” बताते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच बातचीत के सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
