कार्तिक पूर्णिमा: देव दीपावली के साथ कार्तिक मास का समापन होता है। जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

kaonebroadcast@gmail.com
69
3 Min Read
Kartik Purnima: The month of Kartik concludes with Dev Deepawali. Learn about the auspicious time and method of worship.

कार्तिक पूर्णिमा 2025: कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। यह कार्तिक मास का अंतिम दिन है और इसे देव दीपावली और गुरु नानक जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता गंगा स्नान के लिए पृथ्वी पर आते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा 2025: कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। यह कार्तिक मास का अंतिम दिन है और इसे देव दीपावली और गुरु नानक जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता गंगा स्नान के लिए पृथ्वी पर आते हैं। कार्तिक का यह पवित्र महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्त पूरे महीने पूजा, व्रत और दान करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की भी पूजा की जाती है।

देव दीपावली का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है। गंगा तट पर हज़ारों दीप जलाए जाते हैं और इसे देव दीपावली कहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। सत्यनारायण कथा का पाठ करने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।

देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा 2025 के लिए शुभ मुहूर्त

  • आरंभ तिथि: 4 नवंबर 2025, रात्रि 10:36 बजे
  • समाप्ति तिथि: 5 नवंबर 2025, शाम 6:48 बजे
  • गंगा स्नान मुहूर्त: प्रातः 4:52 से 5:44 बजे तक
  • पूजा मुहूर्त: प्रातः 7:58 से 9:20 बजे तक

कार्तिक पूर्णिमा पूजा अनुष्ठान: कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि

  • स्नान और शुद्धि: प्रातः गंगा या किसी पवित्र जलाशय में स्नान करें।
  • पूजा सामग्री: पुष्प, दीप, धूप, फल, तिल, चावल, घी और ब्राह्मण को दान।
  • सत्यनारायण कथा: इस दिन कथा का पाठ करना विशेष फलदायी होता है।
  • दीपदान: गंगा या किसी तालाब में दीप जलाना अत्यंत शुभ होता है।
  • व्रत पारण: पूरे दिन व्रत रखने के बाद, शाम को व्रत पारण करें।

कार्तिक पूर्णिमा क्यों है खास?

यह दिन धन, आरोग्य और समृद्धि लाता है। गंगा स्नान और दीपदान करने से पापों का नाश होता है। भगवान विष्णु और शिव की पूजा करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है। व्रत रखने और कथा वाचन करने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। 5 नवंबर 2025 को मनाई जाने वाली कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली केवल त्योहार ही नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और धर्म के प्रतीक हैं। गंगा स्नान, दीपदान और सत्यनारायण की पूजा करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि सुख, समृद्धि, आरोग्य और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है।

Share This Article
Translate »