एक दिन की देरी किसान को सालभर पीछे धकेल सकती है, सर्वर डाउन से लेकर डीजल के लिए लंबी कतारों तक जूझ रहे अन्नदाता
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी- जिले में खरीफ सीजन की बोवनी का समय नजदीक आते ही किसानों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। एक ओर खाद वितरण व्यवस्था किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है, तो दूसरी ओर डीजल संकट ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से चर्चा करने पर उनकी पीड़ा साफ झलककर सामने आई।
किसानों के लिए एक-एक दिन बेहद कीमती
किसानों का कहना है कि बोवनी का यह सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यदि बोवनी कुछ दिनों के लिए भी पीछे चली जाए तो उसका असर पूरे साल की खेती और उत्पादन पर पड़ता है। इसी कारण अधिकांश किसान पहले से ही खाद और बीज की व्यवस्था करने का प्रयास करते हैं।
बारिश के बाद बढ़ जाती हैं मुश्किलें
ग्रामीण किसानों का कहना है कि बाद में आवश्यकता अनुसार खाद लेने जाना आसान नहीं होता। बारिश के दौरान आवागमन प्रभावित हो जाता है, गिरते पानी में खाद का परिवहन करना कठिन हो जाता है और खाद के गीला होने का भी डर बना रहता है। जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां बरसात शुरू होने के बाद बड़े वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
खाद वितरण व्यवस्था में कई तरह की बाधाएं
किसानों के मुताबिक कहीं स्लॉट बुकिंग नहीं हो रही, कहीं सर्वर डाउन है, कहीं मशीन खराब है तो कहीं कर्मचारी अवकाश पर हैं। कुछ खाद विक्रय केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध है तो कहीं केवल यूरिया मिल रही है। ऐसे में किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है।
अब डीजल संकट भी बना नई परेशानी
खाद की समस्या से जूझ रहे किसानों के सामने अब डीजल की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़े किसानों को देखकर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। किसानों का कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल की निर्बाध उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
सरकार और प्रशासन समझे किसानों की मजबूरी
किसानों का कहना है कि किसान सीधा-सादा और मेहनतकश वर्ग है, जो पूरे वर्ष की उम्मीदें इसी मौसम पर टिका देता है। इसलिए सरकार और प्रशासन को बोवनी के इस महत्वपूर्ण समय को देखते हुए खाद और डीजल की आपूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मांग
किसानों ने मांग की है कि जिले में खाद वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए, तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बोवनी समय पर पूरी हो सके।
