तिपहिया ऑटो में ठूंस-ठूंसकर सवारियां, छत पर बैठकर भी कर रहे सफरकब जागेगा प्रशासन?

Revanchal
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सवारी वाहनों की लोडिंग और जांच पर उठे सवाल


रेवांचल टाइम्स – मंडला।
जिले में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मंडला नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन पहिया ऑटो वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां बैठाकर सड़कों पर दौड़ते देखे जा सकते हैं। हालत यह है कि ऑटो के अंदर 10 से 20 सवारी बैठाए जाते हैं और कई बार लोग छत पर बैठकर भी सफर करने को मजबूर हो जाते हैं।


ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस ओर न तो यातायात विभाग का ध्यान है और न ही परिवहन विभाग की कोई ठोस कार्रवाई दिखाई देती है।


मनमानी ढंग से कहीं भी रोक देते हैं वाहन
नगर में ऑटो चालकों की मनमानी भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। कई चालक जहां मन आया वहीं अचानक ब्रेक लगाकर ऑटो रोक देते हैं। उन्हें इस बात की चिंता तक नहीं रहती कि पीछे से कोई वाहन आ रहा है या नहीं। इससे सड़क पर दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है और आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।


लोगों का कहना है कि इन ऑटो वाहनों में सफर करना अब सुरक्षित नहीं रहा और “सुरक्षित यात्रा” का दावा केवल कागजों में ही नजर आता है।


बिना फिटनेस और लाइसेंस के दौड़ रहे वाहन
जानकारी के अनुसार कई सवारी वाहन ऐसे भी हैं जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है या जो सर्वे ऑफ की श्रेणी में आते हैं। वहीं कुछ चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। इसके बावजूद ऐसे वाहन सड़कों पर फर्राटे भरते नजर आते हैं।


सवारी के साथ-साथ इन वाहनों में भारी मात्रा में सामान भी भर दिया जाता है, जिससे संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने की आशंका और बढ़ जाती है।


बाजार के दिन और बढ़ जाती है समस्या
बाजार के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। आसपास के गांवों से आने वाले ऑटो और जीपों में सवारियों के साथ पशु आहार और अन्य सामान भी भरकर लाया जाता है। कई बार लगेज वाहनों जैसे छोटे हाथी में भी सामान के साथ यात्रियों को असुरक्षित तरीके से बैठाकर या लटकाकर सफर कराया जाता है।


सड़क पर मवेशियों का जमघट, हादसे का खतरा
आबादी वाले क्षेत्रों की सड़कों पर अक्सर मवेशी और कुत्ते खुले घूमते रहते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार से गुजरने वाले सवारी और भारी वाहन किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। कई मार्ग अंधे मोड़, चढ़ाई और ढलान वाले हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है।


स्थानीय निवासी शब्बीर खान का कहना है कि सड़को फ़र्राटे भरते ऑटो को आसानी से देखा जा सकता हैं और सड़कों पर पशु का जमावड़ा लगा रहता है जिस कारण से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। स्थानीय निवासी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए परिवहन और यातायात विभाग को नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलाना चाहिए, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।


प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सवारी वाहनों की लोडिंग और फिटनेस की सख्त जांच नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए।

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