प्लेटफॉर्म से ज्यादा आउटर पर खड़ी होती हैं ट्रेनें आधा दर्जन प्लेटफॉर्म होने के बावजूद मुसाफिर हो रहे परेशान, रेल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल

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प्लेटफॉर्म से ज्यादा आउटर पर खड़ी होती हैं ट्रेनें आधा दर्जन प्लेटफॉर्म होने के बावजूद मुसाफिर हो रहे परेशान, रेल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर कुल 6 प्लेटफॉर्म हैं, फिर भी आए दिन ट्रेनों को आउटर पर रोके जाने की घटनाएं आम हो गई हैं। कई बार यात्री समय पर स्टेशन पहुंचने के बाद भी ट्रेन तक नहीं पहुंच पाते और न ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का आगमन होता है। सवाल उठता है–आखिर जब प्लेटफॉर्म खाली रहते हैं, तो ट्रेनें आउटर पर क्यों खड़ी की जाती हैं?

आखिर आउटर पर ट्रेनें क्यों रोकी जाती हैं?

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी कारण, सिग्नल व्यवस्था, और प्लेटफॉर्म शेड्यूलिंग में बदलाव के चलते यह समस्या उत्पन्न होती है। मगर, कुछ अंदरूनी सूत्रों की मानें तो खानपान ठेकेदारों की भूमिका भी इसमें अहम है।

क्या खानपान ठेकेदार ट्रेन रोकने में भूमिका निभाते हैं?

खबर है कि कुछ निजी खानपान ठेकेदार और स्टाल संचालक रेलवे प्रशासन के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके जानबूझकर ट्रेनों को आउटर पर रुकवाते हैं ताकि ट्रेनों का प्लेटफॉर्म पर स्टॉपेज समय लंबा हो। इससे यात्री स्टेशन पर फूड, स्नैक्स, पानी आदि खरीदने को मजबूर होते हैं और बिक्री बढ़ती है।

एक वरिष्ठ कर्मचारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया:

“कुछ ठेकेदार प्लेटफॉर्म-1 और प्लेटफॉर्म-2 पर ज्यादा पकड़ रखते हैं। यहां बिक्री का बड़ा हिस्सा तय होता है, इसलिए ट्रेनों को इन प्लेटफार्मों तक देर से लाकर रोका जाता है, जिससे उनके स्टॉल पर भीड़ जमा हो सके।”

Trains stand more on the outer side than on the platforms; half a dozen platforms
Trains stand more on the outer side than on the platforms; half a dozen platforms

सबसे ज्यादा ट्रेनें किस प्लेटफॉर्म पर और सबसे ज्यादा बिक्री कहां?

प्लेटफॉर्म 1: सबसे अधिक ट्रेनें यहीं आती हैं, खासतौर पर प्रमुख मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें।

प्लेटफॉर्म 2 और 3: इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनों के लिए प्रमुख।

प्लेटफॉर्म 1 पर सबसे अधिक बिक्री होती है, क्योंकि यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा यहीं होती है और यहां प्रमुख खानपान ब्रांड मौजूद हैं।

फूड प्लाजा, स्टॉल और खानपान के ठेके किनके पास हैं?

रेलवे द्वारा दिए गए नवीनतम टेंडर और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर, जबलपुर स्टेशन पर निम्नलिखित फर्मों और व्यक्तियों को विभिन्न खानपान और स्टॉल का ठेका दिया गया है:

श्रेणी ठेकेदार का नाम/फर्म स्थान (प्लेटफॉर्म)

IRCTC फूड प्लाजा M/s Dinesh Caterers PF 1 और मुख्य भवन
रिफ्रेशमेंट स्टॉल M/s Sharma Enterprises PF 2-3
चाय व स्नैक्स स्टॉल M/s Gupta & Sons PF 1, PF 5
पेयजल और बॉटल वॉटर M/s Aqua Fresh Supply PF 1, PF 4
जनरल स्टोर/बुक स्टॉल A.H. Wheeler & Co. PF 1, Waiting Hall

Trains stand more on the outer side than on the platforms; half a dozen platforms
Trains stand more on the outer side than on the platforms; half a dozen platforms

(नोट: जानकारी आधिकारिक रेलवे दस्तावेज और स्थानीय सूत्रों के आधार पर)

रेलवे प्रशासन चुप क्यों है?

रेलवे प्रशासन इस पर जवाब देने से बचता रहा है। पूछे जाने पर केवल यही कहा जाता है कि “सिग्नलिंग और समय निर्धारण कारणों से प्लेटफॉर्म ऑलोटमेंट होता है।” मगर, लगातार आउटर पर रुकने की शिकायतें अब यात्रियों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं।

Trains stand more on the outer side than on the platforms; half a dozen platforms
Trains stand more on the outer side than on the platforms; half a dozen platforms

यात्रियों की मांग: जांच हो और पारदर्शिता आए

यात्री संगठनों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस मामले में रेलवे बोर्ड और पश्चिम मध्य रेलवे जोन से जांच की मांग की है। यदि खानपान व्यवसाय के दबाव में यात्रियों को परेशान किया जा रहा है, तो यह सीधे-सीधे सार्वजनिक सुविधा और भरोसे का उल्लंघन है।

रेवांचल टाइम्स इस मुद्दे को आगे भी फॉलो करेगा। अगर आपके पास कोई इनपुट या शिकायत हो, तो हमें

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