
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले में 12 अगस्त को पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस मनाया गया | एकलव्य फाउंडेशन एवं ओरेकल इंडिया के सहयोग से संचालित बीजाडांडी ब्लाक जिला मंडला के विभिन्न 20 शिक्षा प्रोत्साहन केंद्रों, 15 टेमिल केंद्रों एवं 10 प्राथमिक शालाओं में बच्चों, युवाओं, शिक्षकों एवं समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय के महत्व, किताबों से जुड़ाव और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न रोचक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। बच्चों ने किताबों पर आधारित कविताओं और गीतों को हाव-भाव एवं एक्शन के साथ प्रस्तुत किया। घुमंतुओं का डेरा पुस्तक से “बंजारा नमक लाया ऊँटगाड़ी में” गीत को बच्चों ने सामूहिक रूप से गाते हुए आनंदपूर्वक प्रस्तुत किया। इसके साथ ही “गधों पर सवार” पुस्तक की कहानी पर आधारित वीडियो देखा गया। वीडियो देखने के बाद बच्चों के साथ कहानी के पात्रों, घटनाओं और उनके अनुभवों पर सवाल-जवाब एवं चर्चा की गई। बच्चों ने अपने विचारों और समझ को खुलकर साझा किया। कार्यक्रम में किताबों पर चर्चा, किताब झपट, म्यूजिक बुक, बूझो तो जानें और कहानी से नाटक जैसी गतिविधियाँ भी कराई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने किताबों को केवल पढ़ने तक सीमित न रखते हुए उन्हें खेल, गीत, संवाद, अभिनय और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़कर समझा।
पूरे आयोजन के दौरान बच्चों और युवाओं की सक्रिय एवं सार्थक भागीदारी देखने को मिली। एकलव्य टीम के साथी भी विभिन्न केंद्रों और विद्यालयों में उपस्थित रहकर गतिविधियों में बच्चों, शिक्षकों एवं समुदाय के सदस्यों के साथ सहभागी बने। इस आयोजन ने पुस्तकालय को सीखने, सोचने, सवाल करने, कल्पना करने और अपनी बात अभिव्यक्त करने के एक जीवंत एवं आनंददायक स्थान के रूप में अनुभव करने का अवसर प्रदान किया।
