स्कूलों में समय से पहले लग रहा ताला, शिक्षकों की लापरवाही से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित

Revanchal
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अप्रैल में तय समय के बावजूद नहीं हो रहा नियमित संचालन, अभिभावकों में बढ़ी नाराजगी

निर्धारित समय के बावजूद स्कूलों में अनियमितता

दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी- शिक्षा विभाग द्वारा अप्रैल माह में भी
विद्यालयों को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई स्कूलों में शिक्षक निर्धारित समय का पालन नहीं कर रहे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

देर से पहुंचना और समय से पहले छुट्टी आम बात

स्थानीय लोगों के अनुसार कई विद्यालयों में शिक्षक 10:30 बजे के बजाय 11:00 या 11:30 बजे तक पहुंचते हैं। इसके बाद कुछ समय रुककर 3:30 से 4:00 बजे के बीच ही स्कूल बंद कर दिया जाता है। कई जगह तो तय समय से पहले ही ताला लग जाता है और समय के बाद तक भी बंद ही रहता है।

प्राथमिक शाला बागराज का मामला आया सामने

रेवांचल टाइम्स के संवाददाता द्वारा निरीक्षण के दौरान जनपद शिक्षा केंद्र गोपालगंज अंतर्गत प्राथमिक शाला बागराज में 3:40 बजे ही विद्यालय बंद पाया गया। इस संबंध में शिक्षिका प्रीति गहलोत ने बताया कि दूसरी शिक्षिका की तबीयत अचानक खराब होने के कारण आधे समय के बाद घर चली गई थीं, वहीं उन्हें बीआरसी कार्यालय में डाक जमा करने जाना था।

बहानों पर उठे सवाल, जिम्मेदारी तय करने की मांग

सवाल यह उठता है कि जब विद्यालय का समय 4:30 बजे तक निर्धारित है और बीआरसी कार्यालय का समय शाम 6:00 बजे तक है, तो स्कूल समय से पहले बंद करने की क्या आवश्यकता थी। यदि कोई आवश्यक कार्य था, तो उसे बाद में भी किया जा सकता था। इस प्रकार के बहाने अक्सर विद्यालय समय से पहले बंद करने के लिए बनाए जाते हैं।

अभिभावकों का भरोसा टूट रहा

जब रेवांचल समाचार के संवाददाता ने क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा की, तो उन्होंने बताया कि शिक्षकों के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो जाता है। कई अभिभावक बच्चों को अपने साथ काम पर ले जाते हैं या घर पर बुजुर्गों के सहारे छोड़ देते हैं, जिससे विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति लगातार कम हो रही है।

शिक्षा विभाग की निगरानी पर भी सवाल

यह भी सवाल उठ रहा है कि जब शिक्षक विद्यालय समय में बीआरसी या अन्य कार्यालयों में पहुंचते हैं, तो वहां के अधिकारी उनसे यह क्यों नहीं पूछते कि वे विद्यालय छोड़कर क्यों आए हैं। निगरानी और जवाबदेही की कमी के कारण ऐसी स्थिति लगातार बनी हुई है।

जांच और कार्रवाई का आश्वासन

इस संबंध में गोपालगंज जन शिक्षा केंद्र के जन शिक्षक ने बताया कि समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं और सतत निगरानी भी की जा रही है। इसके बावजूद यदि किसी शिक्षक द्वारा लापरवाही की जाती है, तो जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो और अन्य शिक्षक भी इस प्रकार की अनियमितता करने से बचें।

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