महिला विरोधी चेहरा बेनकाब, संविधान संशोधन विधेयक रोककर विपक्ष ने नारी शक्ति का किया अपमान — शेषराव यादव

Revanchal
14
3 Min Read

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के पारित नहीं हो पाने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी तथा इंडी गठबंधन के दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी राजनीति केवल सत्ता के लिए है, महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से उसका कोई सरोकार नहीं है।

यादव ने कहा कि आज विपक्ष ने संसद के भीतर जिस तरह इस महत्वपूर्ण विधेयक को रोकने का काम किया है, वह देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के विश्वास के साथ खुला विश्वासघात है। जो दल मंचों पर महिला सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वही दल संसद में महिलाओं को अधिकार देने वाले हर प्रयास के सामने दीवार बनकर खड़े हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को केवल नारा नहीं बल्कि धरातल पर उतारने का काम किया है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई गई, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को स्वामित्व का अधिकार मिला, सुकन्या समृद्धि योजना ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षा दी, मातृत्व वंदना योजना ने गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की, वहीं मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना जैसी पहल ने महिलाओं के आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती को नई शक्ति दी है।

यादव ने कहा कि इसके बावजूद विपक्ष की संकीर्ण और अवसरवादी राजनीति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंडी गठबंधन का असली चरित्र महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि महिला विरोध है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि देश की महिलाएं इस अपमान को भूल जाएंगी। भारत की नारी अब जाग चुकी है और अपने सम्मान पर चोट करने वालों को लोकतंत्र के माध्यम से जवाब देना जानती है। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव में देश की महिलाएं इस महिला विरोधी गठबंधन को उसकी असल जगह दिखाने का काम करेंगी।

यादव ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सपनों, उनके अधिकारों और उनके आत्मसम्मान पर सीधा हमला है। नारी शक्ति का अपमान करने वालों के राजनीतिक पतन की पटकथा आज से लिखनी शुरू हो गई है।

Share This Article
Translate »