गौर नदी के संरक्षण हेतु “उद्गम से संगम यात्रा” का सर्वेक्षण जारी
नर्मदा की सहायक गौर नदी पर जनजागरण एवं सर्वेक्षण अभियान
जल संरक्षण का संदेश लेकर ग्रामीणों तक पहुँची उद्गम से संगम यात्रा
गौर नदी के उद्गम से संगम तक होगा व्यापक सर्वेक्षण एवं जनजागरण
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – निवास, मंडला। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित “उद्गम से संगम यात्रा” के अंतर्गत नर्मदा नदी की सहायक गौर नदी का द्वितीय दिवस सर्वेक्षण एवं जनजागरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यात्रा का उद्देश्य गौर नदी के उद्गम से संगम तक सर्वेक्षण कर नदी की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करना तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जनजागरूकता विकसित करना है।
प्रथम एवं द्वितीय दिवस में सर्वेक्षण दल ने विकासखंड निवास के सेक्टर-03 अंतर्गत ग्राम भटगांव से प्रारंभ कर कर ग्राम भारद्वारा, कटंगसिवनी, पाडरपानी, करौंदी, पाठादेवगांव, हरिसिंघोरी, थानमगांव एवं रेंडम सहित नदी तटवर्ती ग्रामों का भ्रमण किया। इस दौरान ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर नदी से प्राप्त लाभ, वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति, वर्षभर जल उपलब्धता, नदी पर निर्मित बांध एवं स्टॉप डेम, जल संरक्षण से संबंधित स्थानीय प्रयासों तथा संगम क्षेत्र से जुड़े सहायक नालों एवं जल स्रोतों की जानकारी संकलित की गई।
सर्वेक्षण कार्य मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री राजेन्द्र चौधरी एवं विकासखंड समन्वयक श्री सूरज बर्मन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। ग्राम पंचायत थानमगांव के पोषक ग्राम रेंडम में आयोजित विशेष चौपाल में ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं नदी पुनर्जीवन के महत्व से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है तथा इसके लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
कार्यक्रम में आदिवासी जन कल्याण विकास संस्थान से आरूणी सिंगरोरे, उमा गणेश लोधी, मां रेवा कल्याण समिति से संजय चौधरी, समाजसेवी सचिन खंपरिया, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के परामर्शदाता श्री उत्तम सिंह परस्ते, श्री देवेन्द्र सिंह वरकड़े, मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र, सुश्री मालती मरावी, सुश्री देवलता उईके, एमएसडब्ल्यू छात्र श्री सुभाष सिंह मरावी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों, नदी संरक्षण के महत्व एवं सामुदायिक सहभागिता की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा जल संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
