देश की आजादी के 78 साल बाद भी कीचड़ में पैदल चलने को मजबूर देश का भविष्य

Revanchal
2 Min Read

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

स्वतंत्रता दिवस के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अंचलों में विकास के दावे कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। मामला छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत बटकाखापा का है, जहाँ ‘अर्थ एंजेल स्कूल’ जाने वाले मासूम छात्र-छात्राएं बदहाल सड़क और कीचड़ के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का लंबा राजनीतिक गढ़ रहे छिंदवाड़ा जिले में आज भी बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में अब ग्रामीण और मासूम बच्चे क्षेत्र के युवा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू से इस समस्या के समाधान की आस लगाए बैठे हैं।

हादसों को न्योता देती फिसलन भरी सड़क
​बारिश के मौसम में स्कूल जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न और कीचड़ से सराबोर हो चुका है। कीचड़ के कारण आए दिन बच्चों के कपड़े खराब हो जाते हैं, वहीं फिसलन के चलते मासूमों के गिरकर चोटिल होने का खतरा लगातार बना हुआ है। न सिर्फ बच्चे, बल्कि उन्हें छोड़ने जाने वाले अभिभावकों को भी दोपहिया वाहनों से आवागमन में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिसलन की वजह से वाहन स्लिप होने का डर हमेशा बना रहता है।
​फिलहाल बारिश कम होने से किसी तरह राहत है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो यह मार्ग पूरी तरह ठप हो जाएगा और बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाएगा – चिंतित अभिभावक

ग्रामीणों ने उठाई मुरम डालने की मांग
​ग्राम पंचायत प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं होता, तब तक कम से कम इस मार्ग पर मुरम डालकर इसे चलने योग्य पैचवर्क बनाया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें रोज-रोज इस परेशानी से निजात मिले।

​अब देखना यह होगा कि स्थानीय पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधि नींद से जागकर इन मासूमों की सुध कब लेते हैं।

👁️ 1 views Views
Share This Article
Translate »