चार दिन में पाक्सो पीड़िता के नवजात को मिला आसरा
बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास के नवाचार से पाक्सो पीड़ितों को मिल रही है सहायता
बाल कल्याण समिति ने 60 पाक्सो प्रकरणों में नियुक्त किया है सपोर्ट पर्सन
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला।मिशन वात्सल्य अंर्तगत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल कल्याण समिति के सहयोग से सपोर्ट पर्सन के लिए हर माह प्रशिक्षण सह बैठक आयोजित किया जा रहा है।इस नवाचार के परिणाम अब आने लगे हैं । 8 पाक्सो पीड़ितों के स्पॉन्सरशिप को अनुमोदित किया गया है।स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत चार हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाता है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति (एसएफसीएसी) ने स्पांसरशिप के प्रकरण को अनुमोदित किया है।बाल कल्याण समिति के संवेदनशीलता के कारण एक पाक्सो पीड़िता के नवजात को चार दिन में ही पूरी प्रक्रिया कर शिशु गृह सह दत्तक ग्रहण अभिकरण में प्रवेशित कराया गया। पुलिस द्वारा बाल कल्याण समिति जिला मंडला के समक्ष प्रस्तुत 60 पाक्सो प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त किया गया है।
माह अप्रैल की समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक रोहित बड़कुल ने सपोर्ट पर्सन को पीड़िता को संबल प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता से गोपनीयता बनाए रखते हुए नियमानुसार कार्य करने का निर्देश दिया।
किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम,2015 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम(पॉक्सो),2012 के अंतर्गत सपोर्ट पर्सन के क्षमतावर्धन और मासिक समीक्षा के लिए यह आयोजन किया गया।आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कल्याण समिति, जिला मंडला के सहयोग से किया।
बाल कल्याण समिति, जिला मंडला के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने सपोर्ट पर्सन को पाक्सो प्रकरणों में उनके कर्तव्यों ,रिपोर्टिंग एवं कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया।
बाल कल्याण समिति के सदस्य श्रीमती तृप्ति शुक्ला, रंजीत कछवाहा और संतोष कुमार यादव ने सपोर्ट पर्सन को प्रकरणों में पीड़िता के सहयोग के लिए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिया।
बाल कल्याण समिति मंडला के अध्यक्ष और सदस्य तथा महिला बाल विकास विभाग के सरंक्षण अधिकारी रितेश वघेल ने सपोर्ट पर्सन को आवंटित किए गए पाक्सो प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन के द्वारा संपादित किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश जारी किया। बैठक में सपोर्ट पर्सन मुन्नी नंदा,मंगला चौरसिया, सत्यवीर मिश्रा, गीता साहू , रागिनी हरदहा,जैबुनिशा कुरैशी, विद्या मरावी, सत्यनारायण डहेरिया और आकाश झारिया उपस्थित रहे।कार्यक्रम के आयोजन में महिला एवं बाल विकास के सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ सौरभ पटवा और डाटा एंट्री डाटा ऑपरेटर दीपक सैयाम की सक्रिय सहभागिता रही।
विदित हो कि,मार्च 2025 में पुर्नगठित बाल कल्याण समिति ने पुलिस द्वारा समिति के समक्ष प्रस्तुत 60 प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त कर पीड़ितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता से किया है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रत्येक पाक्सो प्रकरण में सपोर्ट पर्सन नियुक्त करने का निर्देश जारी किया है।बाल कल्याण समिति जिला मंडला और महिला एवं बाल विकास ने जिले में पाक्सो पीड़ितों के लिए नियुक्त होने वाले सपोर्ट पर्सन के क्षमता वर्धन के लिए नवाचार किया है। महिला बाल विकास जिला मंडला ने सपोर्ट पर्सन के दो बैच के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग आयोजित किया। सपोर्ट पर्सन के क्षमतावर्धन के लिए प्रत्येक माह प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है।
बाल कल्याण समिति, मंडला के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी दिशा – निर्देश के अनुसार जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा मंडला जिले में 30 सपोर्ट पर्सन का चयन किया गया है। पुलिस द्वारा बाल कल्याण समिति को पाक्सो प्रकरण की सूचना देने के बाद यौन अपराध पीड़ित बालक/बालिकाओं को प्राथमिकता से सपोर्ट पर्सन (सहायक व्यक्ति) उपलब्ध कराया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक, महिला शाखा और पुलिस थानों से समन्वय कर पाक्सो प्रकरणों की बाल कल्याण समिति में शत -प्रतिशत रिपोर्टिंग को सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सपोर्ट पर्सन पीड़ितों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध करा सके इस हेतु प्रत्येक माह क्षमता वर्धन प्रशिक्षण और समीक्षा बैठक आयोजित किया जाता है।
बाल कल्याण समित, मंडला द्वारा सपोर्ट पर्सन के क्षमतावर्धन हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस हेतु सपोर्ट पर्सन के दो बैच के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग आयोजित किया जा चुका है। बाल कल्याण समिति पीड़ितों को विधिक सहायता,विशेष राहत और मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ प्रत्येक प्रकरण में त्वरित समन्वय कर रही है।
8 पाक्सो पीड़ितों को स्पॉन्सरशिप अनुमोदित
बाल कल्याण समिति और महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सपोर्ट पर्सन द्वारा पीड़िता और उनके परिवार के सामाजिक – आर्थिक स्थिति का आंकलन कर विभागीय योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई है। 8 पाक्सो पीड़ितों के स्पॉन्सरशिप को अनुमोदित किया गया है।स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत चार हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाता है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित प्रायोजन एवं पालक देखभाल अनुमोदन समिति (एसएफसीएसी) ने स्पांसरशिप के प्रकरण को अनुमोदित किया है।
चार दिन में पाक्सो पीड़ित के नवजात को मिला आसरा
एक पाक्सो पीड़ित बालिका ने जिला चिकित्सालय, मंडला में एक बालक को जन्म दिया था। सपोर्ट पर्सन श्रीमती रागिनी हरदहा ने पीड़िता और उसके माता की काउंसिलिंग कर नवजात को अभ्यर्पित करने की सलाह दी।बाल कल्याण समिति जिला मंडला के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता और सदस्य श्रीमती तृप्ति शुक्ला और रंजीत कछवाहा ने संरक्षण अधिकारी रितेश बघेल और सपोर्ट पर्सन श्रीमती रागिनी हरदहा की उपस्थिति में जिला चिकित्सालय मंडला में प्रसूता से निर्धारित प्रारूप में बालक को अभ्यर्पित करने का आवेदन प्राप्त किया।आवेदन प्राप्त करने के दूसरे दिन निर्धारित प्रारुप में अभ्यर्पण विलेख को नोटरी के द्वारा सत्यापित किया गया। साथ ही को शिशु गृह सह दत्तक ग्रहण अभिकरण मातृ छाया, जबलपुर, महिला सुरक्षा शाखा/एसजेपीयू, जिला चिकित्सालय के सीएचएमओ/सीएस को नवजात शिशु को मातृ छाया, जबलपुर भेजने के लिए आवश्यक पत्राचार और कार्यवाही की गई। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर नवजात शिशु को शिशु गृह सह दत्तक ग्रहण अभिकरण मातृ छाया, जबलपुर में प्रवेशित करा दिया गया है।
गजेन्द्र गुप्ता
अध्यक्ष
बाल कल्याण समिति मंडला
