युवक पर पेयजल आपूर्ति बाधित करने का आरोप,
युवक ने बेवजह नौकरी से निकालने और ताले को बताया वजह,
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – समीपी ग्राम पंचायत सरवाही में पेयजल व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। बुधवार सुबह नलजल योजना के संचालन और पानी सप्लाई को लेकर ग्रामीणों तथा पूर्व ऑपरेटर मंगलेश्वर मरावी के बीच तनातनी की स्थिति निर्मित हो गई।
ग्रामीणों ने युवक पर जलापूर्ति व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने, धमकी देने और पानी सप्लाई प्रभावित करने का आरोप लगाया है, इसी बात को लेकर जब ग्रामीणों ने युवक को समझाने का प्रयास किया तब युवक खपा होकर पानी की टंकी में चढ़ गया और ड्रामा करने लगा तथा जान देने की बात कहकर ग्रामीणों को धमकाने लगा।
जबकि युवक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए बेवजह काम से निकालने तथा पानी टंकी परिसर में प्रवेश न मिलने और अपनी दान की गई जमीन से जुड़े विवाद को इसकी वजह बताया है। युवक के खिलाफ ग्रामीणों ने थाने में शिकायत की है
ग्रामीण मनोज कुमार मसराम, जमुना नेटी, प्रेमसाह टेकाम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2018 से संचालित पेयजल योजना का संचालन वर्तमान में ग्राम समिति के माध्यम से किया जा रहा है। उनका आरोप है कि पूर्व में योजना के संचालन से जुड़े रहे मंगलेश्वर मरावी को गांव वालों ने सर्वसम्मति से हटाकर दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंप दी थी, जिससे नाराज होकर वह आए दिन जलापूर्ति व्यवस्था में हस्तक्षेप कर रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार युवक ने पानी सप्लाई की पाइपलाइन में लगे वाल्व को झाड़ियों से ढक दिया तथा जलापूर्ति बाधित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब उसे समझाने का प्रयास किया गया तो वह रस्सी लेकर पानी टंकी पर चढ़ गया और ग्रामीणों के सामने जान देने की धमकी देने लगा, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।
सरपंच पति राजकुमार सैयाम ने आरोप लगाया कि संबंधित युवक संचालन कार्य से जुड़े लोगों को मारपीट की धमकी देता है तथा कई बार पानी टंकी को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें भी कह चुका है। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मंगलेश्वर मरावी का कहना है कि कुछ समय पूर्व वह गांव से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान विद्युत ट्रांसफार्मर में खराबी आने से लगभग एक सप्ताह तक पानी सप्लाई बंद रही, जिसका आरोप उस पर लगाकर उसे काम से हटा दिया गया। उनका कहना है कि जिस भूमि पर पानी टंकी का निर्माण हुआ है, वह भूमि उन्होंने शासन को दान दी थी। टंकी परिसर की खाली जगह में वह अपने मवेशियों के लिए चारा रखते हैं, लेकिन ग्राम समिति द्वारा गेट पर ताला लगा दिया गया है और चाबी मांगने के बावजूद उन्हें नहीं दी जा रही है।
मंगलेश्वर मरावी ने स्वीकार किया कि इसी विवाद के चलते उन्होंने पानी सप्लाई से जुड़े वाल्व को बंद कर दिया था। उनका कहना है कि यदि उन्हें परिसर में प्रवेश की सुविधा दी जाए तो विवाद समाप्त हो सकता है।
घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों ने मामले की शिकायत थाना एवं एसडीएम कार्यालय में करने की बात कही है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच अब प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
