वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वरोजगार योजनाओं में छिंदवाड़ा ने गाड़े झंडे; कई योजनाओं में लक्ष्य से 200% तक ज्यादा मिली सफलता।
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न सरकारी ऋण और स्वरोजगार योजनाओं में बैंकों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा एवं परामर्शदात्री समिति (मार्च 2026 तिमाही) की बैठक में इस कामयाबी की समीक्षा की गई। इस दौरान शानदार काम करने वाले बैंक शाखा प्रबंधकों (ब्रांच मैनेजर्स) को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
बैठक में नगर निगम महापौर विक्रम अहके, शेषराव यादव, जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया सतीश कुमार, आरबीआई भोपाल से संजय शेजकर और नाबार्ड की डीडीएम श्रीमती श्वेता सिंह सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
स्वरोजगार योजनाओं में
छिंदवाड़ा की ‘ऊंची उड़ान’
बैठक में जब पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों की समीक्षा हुई, तो जिले का प्रदर्शन बेहद शानदार पाया गया। कई योजनाओं में बैंकों ने तय लक्ष्य से कहीं ज्यादा लोन स्वीकृत कर युवाओं और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाया है:
संत रविदास स्वरोजगार योजना: लक्ष्य के मुकाबले 206% ऐतिहासिक उपलब्धि।
भगवान बिरसा मुंडा स्व-रोजगार योजना: 172% लक्ष्य हासिल किया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना: 123% की सफलता।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना: 121% लक्ष्य पूर्ति।
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना: 116% सफलता।
म.प्र. डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन: 114% की उपलब्धि।
प्रधानमंत्री स्वनिधि व सावित्री बाई फुले योजना: 100% शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा।
एनुअल क्रेडिट प्लान (ACP): बैंकों ने 100% लक्ष्य हासिल किया।
आरसेटी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ने 99% लक्ष्य पाया।
कलेक्टर के निर्देश कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि इस वर्ष भी यही रफ्तार कायम रहनी चाहिए। योजनाओं का प्रचार-प्रसार जमीनी स्तर पर किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र हितग्राहियों को समय पर लोन और सबसिडी का लाभ मिल सके।
पशुपालकों के लिए 18 जून तक विशेष जागरूकता अभियान
बैठक में पशुपालन विभाग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ‘कामधेनु योजना’ को लेकर पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही, जिले में 18 मई से 18 जून तक पशुधन और पशुपालकों के लिए एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन और पशु स्वास्थ्य की कड़ियां सिखाई जा रही हैं।
बैंकर्स की थपथपाई पीठ, मिला सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम की स्वरोजगार योजनाओं (भगवान बिरसा मुंडा एवं टंट्या मामा योजना) में 100% से अधिक का बिजनेस देने वाले उत्कृष्ट बैंकर्स का हौसला बढ़ाया गया। कलेक्टर हरेंद्र नारायन, महापौर विक्रम अहके और सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार ने संयुक्त रूप से इन सफल बैंक शाखा प्रबंधकों को प्रशस्ति-पत्र सौंपकर सम्मानित किया।
