विश्व धरोहर दिवस पर सौगात कलेक्टर ने किया शुभारंभ, अब घर जैसा सुकून और व्यू पॉइंट से सूर्योदय-सूर्यास्त का दीदार कर सकेंगे सैलानी
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
पातालकोट की गहरी और हसीन वादियों में प्रकृति को करीब से निहारने का सपना अब और भी आसान हो गया है। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर प्रदेश के प्रसिद्ध जैव विविधता विरासत स्थल तामिया-पातालकोट के पर्यटन ग्राम बीजाढाना में शनिवार को कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने तीन नए ‘होम-स्टे’ का विधि-विधान से लोकार्पण किया।
अब देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक न केवल पातालकोट की गहराई देख सकेंगे, बल्कि यहाँ के पारंपरिक आदिवासी घरों (होम-स्टे) में रुककर स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे।
सूर्योदय और सूर्यास्त का दिखेगा अद्भुत नजारा
बीजाढाना का रातेड़ बेस कैंप हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है, लेकिन ठहरने की व्यवस्था न होने से सैलानी ज्यादा समय नहीं बिता पाते थे। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और परार्थ समिति के सहयोग से तैयार इन होम-स्टे से अब पर्यटक
व्यू पॉइंट से सीधे सूर्योदय और सूर्यास्त का आनंद ले सकेंगे।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन, ने कहा बारिश के मौसम में बादलों और कोहरे के बीच ठहरने का रोमांच महसूस करेंगे।
किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाओं के साथ ग्रामीण परिवेश का अनुभव लेंगे।
यह होम-स्टे न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के नए द्वार भी खोलेंगे। बीजाढाना को देश के प्रमुख पर्यटन ग्राम के रूप में पहचान दिलाना हमारा लक्ष्य है।
गाँव में लगी चौपाल, सुनी समस्याएं
लोकार्पण के साथ ही कलेक्टर ने बीजाढाना में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए और ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पर्यटकों के साथ आत्मीय व्यवहार करें और गाँव को स्वच्छ रखकर ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा को निभाएं।
लोकार्पण में उमड़ा जनसैलाब
इस उत्सव भरे माहौल में एसडीएम जुन्नारदेव कामिनी ठाकुर, जनपद अध्यक्ष तुलसा परतेती, तामिया सीईओ मोनिका झारिया सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बाजे-गाजे के साथ हुए इस कार्यक्रम ने पातालकोट के विकास की नई ‘दास्तां’ लिख दी है।
विशेष आकर्षण पातालकोट के ये होम-स्टे विशेष रूप से महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जहाँ प्रकृति और संस्कृति का बेजोड़ संगम मिलेगा।
