
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कृषि मंडी स्थित शाखा में अव्यवस्थाओं का आलम ऐसा है कि बैंक उपभोक्ताओं को न तो बैठने की समुचित व्यवस्था मिल पा रही है और न ही पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध है। हालात यह हैं कि दूर-दराज से आने वाले किसान और आम नागरिक जमीन पर बैठकर अपने बैंकिंग कार्य कराने को मजबूर हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा संस्था में इस प्रकार की लापरवाही न केवल उपभोक्ताओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करती है। गर्मी के इस मौसम में पेयजल की व्यवस्था न होना विशेष रूप से चिंताजनक है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। सवाल यह उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे और इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगे?
बैक के उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए बैंक शाखा में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, साफ-सुथरा परिसर और शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यह मुद्दा जनआक्रोश का कारण बन सकता है। जहाँ बैक में नियमानुसार हितग्राहियों के लिए बैठने स्वच्छता हवा पानी जैसे मूल व्यवस्थाओं पर ध्यान देना आवश्कता है पर जिम्मेदारो की लापरवाही से बैक के जिम्मेदार मनमानी में उतारू है।
