
कोतवाली का ASI 20 हजार लेते धराया,
धनौरा में बाबू 10 हजार की घूस के साथ गिरफ्तार
दैनिक रेवांचल टाईम्स – सिवनी।
लोकायुक्त संगठन की जबलपुर टीम ने बुधवार को सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर हड़कंप मचा दिया।
इस कार्रवाई में दिनेश रघुवंशी और अरुण कुमार कुमरे लोकायुक्त के शिकंजे में आए। एक ही दिन में पुलिस और प्रशासनिक तंत्र से जुड़े दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी ने पूरे जिले में भ्रष्टाचार को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
जांच के नाम पर रिश्वत, बस स्टैंड क्षेत्र में बिछाया गया जाल
जानकारी के अनुसार फरियादी नंदकिशोर चौरसिया से उसके पक्ष में जांच और विवेचना प्रभावित करने के नाम पर एएसआई दिनेश रघुवंशी द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही बस स्टैंड क्षेत्र में एएसआई ने 20 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक कुल सौदेबाजी 25 हजार रुपये तक की बताई जा रही है।
धनौरा में बाबू भी चढ़ा लोकायुक्त के हत्थे
उसी दिन दूसरी कार्रवाई में धनौरा क्षेत्र में पदस्थ बाबू अरुण कुमार कुमरे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बीच हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि निगरानी एजेंसियां अब भ्रष्टाचार के मामलों में सक्रियता से काम कर रही हैं।
एक ही दिन में दो गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार एक ही दिन में दो अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने से सरकारी दफ्तरों में बेचैनी बढ़ गई है। आम जनता के बीच भी यह चर्चा तेज है कि सरकारी कामों में रिश्वतखोरी किस हद तक व्यवस्था में जड़ें जमा चुकी है।
लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर इसी तरह त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होती रही तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। वहीं यह कार्रवाई उन कर्मचारियों के लिए भी कड़ा संदेश मानी जा रही है जो शासकीय कामों के नाम पर आम जनता से अवैध वसूली करते हैं।
