चैनल गिरने से गार्ड की मौत, एक मजदूर गंभीर घायल
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला/मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंझोरा के समीप करंजिया गांव स्थित वाटर प्लांट में बुधवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में एक गार्ड की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद कंपनी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर सूचना छिपाने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करंजिया क्षेत्र में पिछले लगभग चार वर्षों से संचालित हालोन मल्टी विलेज स्कीम के वाटर प्लांट में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान क्रेन मशीन की सहायता से लोहे का भारी चैनल उठाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चैनल को संभाल रही लोहे की चेन अचानक टूट गई, जिससे भारी चैनल नीचे कार्यरत कर्मचारियों पर आ गिरा।
हादसे में गार्ड के रूप में कार्यरत कपूर झरिया पिता प्रहलाद झरिया (लगभग 35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मजदूर रंजीत साहू पिता बृजेश साहू भी इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
गार्ड से कराया जा रहा था भारी काम
मृतक के परिजनों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि कपूर झरिया लंबे समय से कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी में गार्ड के पद पर कार्यरत थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा कर्मी से भारी निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि गार्ड के रूप में नियुक्त कर्मचारी से उसकी जिम्मेदारियों से अलग जोखिमपूर्ण और भारी कार्य भी लिए जा रहे थे।
दस हजार रुपये मासिक वेतन पर कराया जा रहा था कार्य
परिजनों के अनुसार मृतक कपूर झरिया को मात्र दस हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। उनका आरोप है कि गार्ड की नौकरी पर नियुक्त होने के बावजूद उनसे भारी-भरकम निर्माण कार्य भी कराए जाते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय क्रेन मशीन से भारी पाइप और लोहे के ढांचे लोड किए जा रहे थे। इसी दौरान क्रेन से जुड़ी चेन टूट गई और भारी सामग्री नीचे गिर गई, जिसकी चपेट में कपूर झरिया और रंजीत साहू आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
साथी श्रमिकों एवं कंपनी कर्मचारियों ने दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायल रंजीत साहू का एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि कपूर झरिया को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल मंडला रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना छिपाने का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने उन्हें समय पर घटना की जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई, बल्कि अन्य मजदूरों ने फोन कर हादसे की जानकारी दी।
सूत्रों से प्राप्त जानकारीनुसार कपूर झरिया की मृत्यु घटनास्थल पर ही हो चुकी थी, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने मामले को दबाने का प्रयास किया और समय पर सूचना नहीं दी।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
बताया जा रहा है कि यह कार्य कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा संचालित हालोन मल्टी विलेज स्कीम परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा था। घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिकों के बीच सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
श्रमिकों का कहना है कि भारी मशीनों और लोहे के ढांचों के बीच कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
हादसे ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यदि क्रेन से भारी चैनल उठाया जा रहा था तो क्या उपकरणों की नियमित जांच की गई थी? चेन टूटने का कारण तकनीकी खराबी थी या रखरखाव में लापरवाही? क्या श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
पुलिस जांच शुरू, मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर भी दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है। परिजन और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो शायद एक परिवार अपना सहारा नहीं खोता। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि आखिर किसकी लापरवाही के कारण कपूर झरिया की जान गई। जिला अस्पताल में शव रखा गया है तथा पुलिस द्वारा गुरुवार को आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
