मंडलाफोर्ट स्टेशन: ‘अमृत भारत’ के नाम पर करोड़ों खर्च, पर जनता अब भी निजी बसों की लूट का शिकार; रेल एक्टिविस्ट की मुहीम रंग लाई

Revanchal
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“यात्री परेशान, ट्रेनें ‘रेस्ट’ मोड में: रेल एक्टिविस्ट के सवाल पर DRM नागपुर बैकफुट पर!”

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला: मंडलाफोर्ट रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद भी वहां से सुचारू ट्रेन कनेक्टिविटी न होने का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है। रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने सोशल मीडिया के माध्यम से रेलवे प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना का उद्देश्य केवल स्टेशन को बाहर से चमकाना है या यात्रियों को वास्तविक सुविधा देना?

सोशल मीडिया पर गूंजी जनता की आवाज़
रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी (MadhayapradeshRailUsers) ने रेलवे सेवा, DRM Nagpur ,पश्चिमी रेलवे, और PMO India को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछे हैं।
उन्होंने अपनी पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि:
1.करोड़ों रुपये खर्च कर Amrit Bharat स्टेशन को तो संवार दिया गया है, लेकिन पेंचवैली एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें यहाँ आकर केवल ‘Rest’ करती हैं, जनता को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा।

  1. ट्रेन कनेक्टिविटी के अभाव में स्थानीय यात्री निजी बसों में अधिक किराया देकर Bhopal Indore यात्रा करने को मजबूर हैं, जो सीधे तौर पर जनता की जेब पर डाका है।

DRM नागपुर ने लिया संज्ञान, सभी बड़े विभागों को Tag (लूप) में लिया

नितिन सोलंकी द्वारा PMO और वरिष्ठ रेल विभागों को टैग करने के बाद, DRM नागपुर (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। DRM कार्यालय ने आधिकारिक तौर पर जवाब देते हुए कहा है:
“आपका सुझाव संज्ञान में ले लिया गया है। इसे सार्वजनिक मांग मानते हुए संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।”
*सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि DRM नागपुर ने अपने जवाब में Western Railway, PMO India, RailwaySeva और स्वयं नितिन सोलंकी को एक साथ टैग (Mention) किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि रेलवे प्रशासन अब इस मुद्दे को केवल एक ट्वीट के रूप में नहीं, बल्कि एक आधिकारिक ‘पब्लिक डिमांड’ के रूप में देख रहा है और जवाबदेही तय करने के लिए सभी संबंधित उच्च अधिकारियों को इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।

आगे की उम्मीद
स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों की लंबे समय से मांग है कि पेंचवैली एक्सप्रेस का संचालन मंडलाफोर्ट से शुरू किया जाए और स्टेशन पर बेहतर यात्री सुविधाएं व कोच मेंटेनेंस की व्यवस्था हो। रेल एक्टिविस्ट की इस सक्रियता और प्रशासनिक प्रतिक्रिया के बाद, अब जनता को उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही मंडलाफोर्ट के लिए ठोस ट्रेन कनेक्टिविटी की घोषणा करेगा।

रेल एक्टिविस्ट नितिन सोलंकी ने वक्तव्य
“मंडलाफोर्ट स्टेशन का कायाकल्प देखकर हमें खुशी तो हुई थी, लेकिन यह खुशी अब मायूसी में बदल गई है। करोड़ों रुपये खर्च कर ‘अमृत भारत स्टेशन’ बना तो दिया गया, लेकिन आज भी यहाँ के यात्री उसी तरह अपनी जेब कटवाने को मजबूर हैं। पेंचवैली एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें यहाँ आती तो हैं, पर यात्रियों को सुविधा देने के बजाय उन्हें स्टेशन पर खड़ा करके ‘रेस्ट’ दिया जाता है। यह रेलवे की कैसी विडंबना है कि स्टेशन तो फर्स्ट क्लास हो गया है, लेकिन यात्री अभी भी निजी बसों की मनमानी और महंगी दरों के भरोसे हैं। DRM नागपुर ने हमारी शिकायत का संज्ञान लिया है, और हम उम्मीद करते हैं कि यह केवल एक खानापूर्ति नहीं होगी। जब तक आम जनता को ट्रेनों की सुविधा नहीं मिलती, हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।”

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