​साहस को मिला सहारा: 90% दिव्यांग राहुल के जीवन में श्रद्धा सबूरी फाउंडेशन ने भरी नई उम्मीद की किरण

Revanchal
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​जिला अस्पताल गेट नंबर 2 पर खुली सांची दूध डेयरी व डेली नीड्स की दुकान, संस्थापक यमन साहू की पहल पर मिला रोजगार

​ रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और किसी नेक दिल इंसान का साथ मिल जाए, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है श्रद्धा सबूरी फाउंडेशन ने। फाउंडेशन ने 90 प्रतिशत दिव्यांग राहुल बोपचे को न केवल आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके स्वावलंबन के लिए रोजगार की व्यवस्था भी की।

​हादसे ने छीनी थी गति, पर कम नहीं हुआ हौसला
राहुल बोपचे साल 2017 में एक काम के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे, जिसमें वे गंभीर रूप से दिव्यांग हो गए। प्रमाणपत्र के अनुसार राहुल 90% दिव्यांग हैं। पिछले 2 महीनों से वे फाउंडेशन के संपर्क में थे। राहुल की आँखों में काम करने की ललक और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा देखकर श्रद्धा सबूरी फाउंडेशन के संस्थापक यमन साहू ने उन्हें सहारा देने का बीड़ा उठाया।

​योजनाबद्ध तरीके से तैयार हुआ स्वरोजगार
यमन साहू ने बताया कि राहुल की स्थिति को देखते हुए सबसे पहले दुकान का एक विशेष स्ट्रक्चर तैयार करवाया गया। इसके बाद ‘सांची दूध डेयरी’ और ‘डेली नीड्स’ की दुकान खोलने की पूरी योजना बनाई गई। बुधवार को जिला अस्पताल के गेट नंबर 2 के पास इस दुकान का भव्य शुभारंभ किया गया।

​मानवता की सेवा ही लक्ष्य
संस्थापक यमन साहू ने इस अवसर पर कहा कि, “राहुल ने मुझसे पूछा था कि क्या मुझे कोई काम मिलेगा? बस वही सवाल मेरे दिल को छू गया। हमारा फाउंडेशन समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद करता आया है और भविष्य में भी सेवा का यह सफर जारी रहेगा।” अब राहुल अपनी इस दुकान के जरिए सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकेंगे।

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