समाजसेवी विजय नंदन ने नगर पालिका कर्मचारियों के साथ किया निरीक्षण
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी- समाजसेवी विजय नंदन ने नगर पालिका कर्मचारियों के साथ श्री मठ मंदिर के पीछे स्थित जल प्रदाय टंकी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टंकी के अंदर जाकर उसकी वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया गया।
टंकी के अंदर मटमैला पानी और बदहाल सफाई व्यवस्था मिली
निरीक्षण में टंकी के अंदर का पानी मटमैला दिखाई दिया तथा साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। टंकी के भीतर नियमित रखरखाव और स्वच्छता का अभाव भी स्पष्ट रूप से नजर आया।
विजय नंदन ने टंकी की तत्काल सफाई और पुताई की मांग की
विजय नंदन ने कहा कि यह टंकी क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराती है, इसलिए इसकी स्वच्छता, गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई कराने तथा स्वीकृत और सुरक्षित सामग्री से टंकी की आंतरिक सतह की पुताई कराने की मांग की।
फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने और जल गुणवत्ता परीक्षण कराने की मांग
उन्होंने मुख्य जल आपूर्ति लाइन पर उच्च गुणवत्ता वाला फिल्ट्रेशन सिस्टम स्थापित करने तथा नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण कराने की मांग उठाई, ताकि नागरिकों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच सके।
विजय नंदन ने सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का सुझाव दिया
उन्होंने टंकी परिसर में बेरिकेटिंग कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा असामाजिक गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके।
नागरिकों ने पूछा- क्या बिना फिल्टर ही घरों तक पहुंच रहा पानी?
निरीक्षण के बाद नागरिकों के बीच भी कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि फिल्टर किया हुआ पानी टंकी तक पहुंच रहा है, तो फिर टंकी के अंदर इतनी मात्रा में गाद और कीचड़ कैसे जमा हो रही है।
रातभर पानी रखने पर नीचे जम जाती है गाद
कई नागरिकों का कहना है कि वे लंबे समय से यह अनुभव कर रहे हैं कि यदि रातभर नल का पानी किसी बर्तन में भरकर रखा जाए तो सुबह उसके तल में गाद जैसी परत दिखाई देती है। हालांकि इसकी पुष्टि वैज्ञानिक जांच और नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाने की मांग
विजय नंदन ने नगर पालिका से नियमित सफाई, जल गुणवत्ता परीक्षण, फिल्टर प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू करने की मांग करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
