विदाई समारोह में छलका अपनापन, कई चेहरों पर दिखी मायूसी
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– लगभग सात वर्षों तक सिवनी में सेवाएं देने के बाद अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) देवेश बाथम का स्थानांतरण होने पर परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनका सम्मान करते हुए भावभीनी विदाई दी। समारोह में बस संचालकों, एजेंटों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
तेजवली सिंह बोले- बाथम जी ने हर व्यक्ति के दिल में जगह बनाई
बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष तेजवली सिंह ने कहा कि शासकीय सेवा में अधिकारी आते-जाते रहते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने कार्य और व्यवहार से अलग पहचान बना लेते हैं। देवेश बाथम ने सात वर्षों के कार्यकाल में सभी के बीच विश्वास और अपनापन कायम किया।
बस संचालकों ने साझा किए अनुभव
सिंह ट्रैवल्स के संचालक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि परिवहन क्षेत्र से जुड़े कार्यों में उन्हें हमेशा बाथम का सहयोग मिला। वहीं नंदन बस के संचालक चंद्रभान सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल से लेकर सामाजिक गतिविधियों तक उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और लोगों की मदद की।
इस अवसर पर जैन ट्रेवल्स के संचालक संजीव जैन, एसआरटी बस के संचालक सनोडिया, बस ऑपरेटरों और आरटीओ एजेंटों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया।
बाथम बोले- सात वर्षों में सभी का भरपूर सहयोग मिला
अपने संबोधन में देवेश बाथम ने कहा कि सात वर्षों के दौरान उन्हें सभी का भरपूर सहयोग और सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के सहयोग से ही वे अपने कार्यों को बेहतर ढंग से कर पाए।
सात वर्षों की पदस्थापना भी रही चर्चा में
भावनात्मक विदाई के बीच सात वर्षों तक एक ही जिले में पदस्थ रहने को लेकर भी चर्चाएं रहीं। लंबे कार्यकाल के बाद आखिरकार उनका स्थानांतरण होने से परिवहन जगत में यह विषय चर्चा का केंद्र बना रहा।
कुछ चेहरों पर राज और समीकरण बदलने की चिंता भी दिखी
कार्यक्रम के दौरान एक ओर सम्मान और आत्मीयता का माहौल दिखाई दिया, तो दूसरी ओर कुछ लोगों के चेहरों पर मायूसी भी चर्चा का विषय बनी रही। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा सुनाई देती रही कि लंबे समय से बने कुछ समीकरण अब बदलेंगे और कई लोगों की सुविधा आधारित व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है। जनचर्चाओं में यह भी कहा जाता रहा कि कुछ लोगों के लिए अधिकारी महज एक शासकीय पद नहीं, बल्कि कामकाज को आसान बनाने का प्रमुख माध्यम बन चुके थे। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन विदाई समारोह के दौरान यह विषय लोगों के बीच चर्चा का हिस्सा जरूर बना रहा।
