₹70,400 के माल समेत 3 मोबाइल और ताश के पत्ते जब्त; नामी आरोपी प्रियंक दुबे का निकला पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जिले में अवैध गतिविधियों और सटोरियों के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के कड़े दिशा-निर्देशों पर काम करते हुए कुंडीपुरा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जुआरियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर सिवनी प्राणमोती शमशान रोड यार्ड के पीछे चल रहे एक जुआ फड़ पर दबिश देकर 6 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
साइबर टीम की मदद से घेराबंदी, मौके से ₹20,400 नगद बरामद
नगर पुलिस अधीक्षक अजय राणा के मार्गदर्शन एवं कुंडीपुरा थाना प्रभारी उप-निरीक्षक महेंद्र भगत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर सेल के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। 28 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिवनी प्राणमोती क्षेत्र में कुछ लोग बड़े पैमाने पर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड मारी।
पुलिस ने मौके से ताश के पत्तों के साथ कुल ₹20,400 नगद और ₹50,000 की कीमत के 3 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कुल मिलाकर पुलिस ने ₹70,400 का माशरूका बरामद किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पकड़े गए आरोपियों के नाम
राहुल उर्फ सानू बघेल (उम्र 32 वर्ष), निवासी- सिवनी प्राणमोती
रामकेश अहिरवार (उम्र 45 वर्ष), निवासी- सिवनी प्राणमोती
प्रियंक दुबे (उम्र 36 वर्ष), निवासी- सिवनी प्राणमोती
जित्तू मेध, निवासी- नरसिंहपुर रोड, बसंत कॉलोनी
राहुल राजपूत, निवासी- शनिचरा
मोहित डोले, निवासी- सिवनी प्राणमोती
आरोपी प्रियंक दुबे का लंबा है ‘काला चिट्ठा’
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपियों में से एक, प्रियंक दुबे (पिता राजा दुबे), इलाके का पुराना आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही सट्टा एक्ट, मारपीट और गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं
वर्ष 2019: सट्टा एक्ट और आईपीसी की धारा 109 के तहत मामला।
वर्ष 2024 गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी और SC/ST एक्ट के तहत गंभीर अपराध।
वर्ष 2026 (हाल ही में) सट्टा एक्ट और जुआ एक्ट के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज।
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस सफल रेड कार्रवाई में कुंडीपुरा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक महेंद्र भगत, सउनि मनोज रघुवंशी, प्रधान आरक्षक रवींद्र ठाकुर, विनोद राजपूत, राजेंद्र पाल, आरक्षक जीवन रघुवंशी, ब्रजेश ठाकुर, सत्येंद्र, गजानंद तथा साइबर सेल से नितिन सिंह एवं आदित्य रघुवंशी की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
