राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, लक्ष्य अनुरूप उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा के सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर नारायन ने मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत सभी बी.एम.ओ. को ए.एन.सी. पंजीयन कार्य लक्ष्यानुसार पूर्ण करने तथा पंजीयन में पाए गए गैप को दूर करने के निर्देश दिए। जिन महिलाओं की समग्र आईडी नहीं बनी है, उनकी समग्र आईडी तैयार कराने के लिये विकासखंडों के एस.डी.एम. एवं सी.ई.ओ. से समन्वय स्थापित कर कार्य पूर्ण कराने को कहा गया।
उन्होंने सीवियर एवं मॉडरेट एनीमिया के शत-प्रतिशत प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा कार्य प्रगति की समीक्षा 15 दिवस के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की साप्ताहिक बैठक व्ही.सी. के माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें सी.एम.एच.ओ., डी.एच.ओ., गायनिकोलॉजिस्ट, क्षय नोडल अधिकारी, डी.पी.एम. एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सी.डी.पी.ओ. अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
मातृ मृत्यु की समीक्षा में विकासखंड अमरवाड़ा एवं तामिया में एक-एक मातृ मृत्यु प्रकरण पाए गए। इस पर कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। एच.बी.एन.सी. कार्यक्रम के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं आशा कार्यकर्ताओं के होम विजिट की प्रगति की प्रत्येक 15 दिवस में समीक्षा करने तथा कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत विकासखंडों में मॉनिटरिंग कार्य बी.ई.ई., बीपीएम एवं बीसीएम द्वारा सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि मीजल्स-रूबेला सर्वे कार्य 23 मई से 6 जून 2026 तक कैच-अप राउंड के रूप में संचालित किया जा रहा है, जो यू-विन पोर्टल आधारित रहेगा। यू-विन सत्र कार्ययोजना के सुचारू संचालन एवं क्रियान्वयन के लिये कार्ययोजना बनाकर लक्ष्यानुसार उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाडे ने मधुमेह (शुगर) एवं उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीजों के उपचार एवं बचाव संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीजों को स्वस्थ आहार अपनाना चाहिए, हरी सब्जियां, दाल एवं सलाद का सेवन करना चाहिए, समय पर भोजन करना चाहिए तथा नियमित व्यायाम एवं प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलना चाहिए। साथ ही दवाइयों का समय पर सेवन एवं पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी गई।
उन्होंने बताया कि मरीज समय-समय पर शुगर एवं बीपी की जांच कराएं तथा मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, अधिक तेलयुक्त एवं बाहर के भोजन से बचें। नमक का सेवन कम करें तथा आचार, पापड़ एवं नमकीन का सेवन न करें। किसी भी प्रकार के नशे जैसे तंबाकू, बीड़ी अथवा शराब से दूर रहने की सलाह दी गई। चिकित्सक की सलाह के बिना दवा बंद न करने तथा नंगे पैर न चलने की भी सलाह दी गई। मधुमेह रोगियों को वर्ष में एक बार आंखों की जांच कराने, पैरों की साफ-सफाई रखने एवं घाव या छाले होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई।
कलेक्टर नारायन ने समीक्षा के दौरान टीकाकरण कार्यक्रम, सिकल सेल एनीमिया, आरबीएसके कार्यक्रम, क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर, पोषण पुनर्वास, एनआरसी, एसएनसीयू, एनसीडी कार्यक्रम, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की। जिन विकासखंडों में उपलब्धि कम पाई गई, वहां शीघ्र सुधार करते हुए लक्ष्य अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.गोन्नाडे, सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धीरज दवंडे, जिला क्षय अधिकारी डॉ. अर्चना कैथवास, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. पुष्पारानी सिंह, जिला मीडिया अधिकारी डॉ. प्रमोद वासनिक, एसएनसीयू नोडल अधिकारी डॉ. अंशु लांबा, डी.पी.एम. शैलेन्द्र सोमकुवर, डी.सी.एम. मनोज राय सहित समस्त कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी तथा विकासखंडों से खंड चिकित्सा अधिकारी, बी.ई.ई., बीपीएम, बीसीएम एवं आईसीडीएस विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास बृजेश कुमार शिवहरे एवं सीडीपीओ उपस्थित थे।
