परियोजना पूरी, लेकिन सड़कें अब भी अधूरी: दो साल में 7 मौतें, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाइम्स – पनागर। नगर में करोड़ों रुपये की लागत से संचालित नर्मदा नल-जल परियोजना का कार्य भले ही कागजों में पूरा हो चुका हो, लेकिन इसके लिए खोदी गई सड़कें आज भी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। वार्डों में पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़क मरम्मत का कार्य समय पर नहीं होने से आम नागरिकों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर सड़कें दो वर्ष से अधिक समय पहले खोदी गई थीं, लेकिन आज तक उन्हें पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया। इसका खामियाजा नगरवासी लगातार भुगत रहे हैं। आरोप है कि इन जर्जर और उखड़ी सड़कों के कारण अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर दुर्घटनाओं में घायल होकर स्थायी रूप से अपंग हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।

रात में बढ़ जाता है हादसों का खतरा

नगरवासियों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढे और उभरे हिस्से रात के समय दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं। आए दिन ऑटो पलटने, बाइक फिसलने और वाहन चालकों के गिरकर घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपने कर्तव्यों से बच रहे हैं।

जगमोहन वार्ड बना दुर्घटनाओं का केंद्र

हालांकि समस्या लगभग सभी 15 वार्डों में बनी हुई है, लेकिन जगमोहन वार्ड की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां मुख्य मार्ग पर तीन स्थानों पर सड़क खोदी गई थी, जो दो बरसात बीतने के बाद भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। यह क्षेत्र नगर का व्यस्ततम मार्ग होने के कारण लगातार यातायात दबाव झेलता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बरसात से पहले सड़क मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

वार्डवासियों और पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और नागरिक समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

पार्षद बोले— परियोजना पूरी तरह अव्यवस्थित

प्रमोद पटेल, पार्षद, जगमोहन वार्ड ने कहा कि नर्मदा जल परियोजना पूरी तरह अव्यवस्थित है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो लीकेज सुधारे जा रहे हैं और न ही लोगों को नियमित पानी मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 80 प्रतिशत घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और कई लोगों द्वारा राशि जमा करने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिए गए हैं।

नगर पालिका ने फिर पत्राचार की बात कही

शिवम जैन, इंजीनियर, नगर पालिका पनागर ने बताया कि नर्मदा जल परियोजना के अधिकारियों को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद सुधार कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मामला पुनः संज्ञान में आया है और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
नगरवासियों की मांग है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके

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