सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम ने प्राचार्यों और बीईओ की बैठक में दिए कड़े निर्देश
शत-प्रतिशत नामांकन और समय पर साइकिल-किताबें बांटने पर जोर
रेवांचल टाइम्स छिन्दवाड़ा
जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम की अध्यक्षता में आज शासकीय कन्या शिक्षा परिसर छिंदवाड़ा में विभागीय प्राचार्यों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई और शैक्षणिक गुणवत्ता व छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में सहायक संचालक (शिक्षा), क्षेत्र संयोजक, विभागीय हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य और बीईओ मुख्य रूप से उपस्थित थे।
सुरक्षा से समझौता नहीं जर्जर भवनों का होगा चिन्हांकन
बैठक में छात्र सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सहायक आयुक्त मरकाम ने निर्देश दिए कि विकासखंड के सभी जर्जर स्कूली भवनों का तत्काल चिन्हांकन किया जाए। मानसून और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में बच्चों को खतरनाक भवनों में न बिठाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्कूल को पास के अन्य सुरक्षित शासकीय भवनों में संचालित किया जाए।
समय पर मिलें किताबें और साइकिलें, अतिथि शिक्षकों की भर्ती जल्द
नये सत्र की शुरुआत को लेकर सहायक आयुक्त ने कहा कि सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बच्चों को समय पर मिले, इसके लिए पाठ्यपुस्तकों का वितरण और पात्र छात्रों को साइकिल वितरण का कार्य तत्काल पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही, स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को विभागीय नियमों के तहत शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा में पूरे हों तकनीकी कार्य
सहायक आयुक्त ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन , छात्रवृत्ति, ई-अटेंडेंस और ‘अपार आईडी’ से जुड़े सभी तकनीकी कार्यों को निर्धारित डेडलाइन के भीतर पूरा करने की हिदायत दी है, ताकि छात्रों को आगे किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीएम हेल्पलाइन और निरीक्षण पर सख्ती
मरकाम ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का केवल निराकरण नहीं, बल्कि ‘गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक’ निराकरण होना चाहिए। उन्होंने संकुल प्राचार्यों और बीईओ को अपने अधीनस्थ स्कूलों का नियमित और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि जमीनी स्तर पर शैक्षणिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे।
हर स्कूल परिसर में होगा व्यापक पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस सत्र में सभी विभागीय विद्यालयों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने और केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और संरक्षण की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया है। बैठक के अंत में सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की बिंदुवार समेकित रिपोर्ट समय-सीमा में सौंपने के निर्देश दिए गए।
