दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस–2026 के उपलक्ष्य में कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा बाघों और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विद्यालयों और बफर क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
14 जुलाई 2026 से शुरू हुए अभियान के अंतर्गत कान्हा प्रबंधन के अधिकारी बफर क्षेत्र के विद्यालयों के साथ-साथ मंडला नगर के विभिन्न स्कूलों में “बाघ संवाद” कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा आकर्षक प्रस्तुतीकरण और संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को बाघों के महत्व, जैव विविधता तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी अहम भूमिका से अवगत कराया जा रहा है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि “बाघ अद्भुत, अद्वितीय एवं अपरिहार्य” है तथा उसके संरक्षण से पूरे जंगल और पर्यावरण का संतुलन सुरक्षित रहता है। साथ ही विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
14 से 18 जुलाई 2026 के बीच अब तक 20 “बाघ संवाद” कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2,727 विद्यार्थियों ने भाग लेकर संरक्षण का संदेश प्राप्त किया।
इसी क्रम में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “बघवा संगत” कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है। इसके तहत इको विकास समितियों के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें वन एवं वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
18 जुलाई तक 6 इको विकास समितियों में आयोजित “बघवा संगत” कार्यक्रमों के माध्यम से 209 समिति सदस्यों को संरक्षण अभियान से जोड़ा गया है।
कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर शुरू किया गया यह जनजागरूकता अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को बाघ, वन और जैव विविधता संरक्षण के महत्व से जोड़कर संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित की जा सके।
