दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – करंजिया विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय एवं प्राथमिक शाला गोपालपुर का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण पहली से पांचवीं और छठवीं से बारहवीं तक के सैकड़ों छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। प्राथमिक शाला की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
विद्यालय के कमरों की हालत बेहद खस्ताहाल है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कक्षाओं की छत कई स्थानों से उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े हिस्सों का प्लास्टर गिरने से सरिए तक दिखाई देने लगे हैं। छत पर जगह-जगह नमी और रिसाव के निशान हैं, जिससे बारिश के दौरान लगातार पानी टपकता है। जर्जर छत के नीचे ही छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने को मजबूर हैं। किसी भी समय प्लास्टर या छत का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
विद्यालय भवन की गंभीर स्थिति को देखते हुए 11 जुलाई 2026 को विद्यालय प्रबंधन, स्कूल प्रबंधन विकास समिति , जनप्रतिनिधियों एवं पालकों की उपस्थिति में भवन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय भवन अत्यधिक जर्जर हो चुका है तथा विभिन्न स्थानों पर गंभीर क्षति होने के कारण यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है।
निरीक्षण के बाद सर्वसम्मति से पंचनामा तैयार कर निर्णय लिया गया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय की शैक्षणिक एवं कार्यालयीन गतिविधियों को अस्थायी रूप से अन्य सुरक्षित भवन में संचालित किया जाए। निर्णय के अनुसार प्राथमिक शाला को तत्काल उपलब्ध वैकल्पिक भवन में तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय की कक्षाओं को भी सुरक्षित स्थान पर संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया। पंचनामा पर विद्यालय प्रबंधन समिति, सरपंच, जनशिक्षक, प्राचार्य एवं पालकों ने सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए हैं।
पंचनामा में यह भी उल्लेख किया गया है कि हायर सेकेंडरी विद्यालय आज तक अपने अलग भवन से वंचित है और वर्तमान में हाई स्कूल भवन से ही संचालित हो रहा है। ऐसे में एक ही जर्जर भवन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों, पालकों और जनप्रतिनिधियों ने शासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि गोपालपुर विद्यालय के लिए शीघ्र नया भवन स्वीकृत किया जाए तथा तब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जोखिम में पढ़ रहे छात्र, छत से उखड़ रहा प्लास्टर; शाला प्रबंधन ने लिया विद्यालय स्थानांतरित करने का निर्णय
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