गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को आत्मसात करने का दिया संदेश, हवाबाग महाविद्यालय में श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाई गई गुरु पूर्णिमा

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर। अशासकीय हवाबाग महाविद्यालय, जबलपुर (अनुदान प्राप्त) में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. आलोक चंसौरिया एवं प्रो. (डॉ.) दिव्या चंसौरिया, संस्था की प्रबंधिका श्रीमती एल.सी. सिलास, प्राचार्या डॉ. शहवार सैयद, विभागाध्यक्षों एवं आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्रारंभ में छात्राओं ने भावपूर्ण गुरु वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। इसके पश्चात संस्था की प्रबंधिका श्रीमती एल.सी. सिलास ने प्रार्थना कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।


समारोह में मुख्य अतिथियों का माल्यार्पण, शॉल, श्रीफल एवं पौधा भेंटकर सम्मान किया गया। प्रो. (डॉ.) दिव्या चंसौरिया का परिचय डॉ. संगीता सिन्हा तथा प्रो. आलोक चंसौरिया का परिचय डॉ. अशोक सोनी ने कराया।
अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) दिव्या चंसौरिया ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कार, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है।


मुख्य अतिथि प्रो. आलोक चंसौरिया ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि जीवन के सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में ज्ञान प्राप्त करने के अनेक साधन उपलब्ध हैं, लेकिन चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और संस्कारों की वास्तविक शिक्षा गुरु के सान्निध्य से ही मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति सदैव श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव बनाए रखने तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों की सराहना की।


कार्यक्रम का संचालन सुश्री स्नेहा दहायत एवं सुश्री जागृति पचौरी ने किया। अंत में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शहवार सैयद ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की सफलता में आयोजन समिति के सदस्य डॉ. कंचन सहगल, डॉ. जयश्री दीक्षित, डॉ. अनीता उपाध्याय, श्री अभिनव सायखेड़कर, डॉ. संगीता सिन्हा एवं डॉ. रुचि केसरवानी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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