तिरंगे की ऊँचाई और नई पीढ़ी की मुस्कान में बसी आज़ादी

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तिरंगे की ऊँचाई और नई पीढ़ी की मुस्कान में बसी आज़ादी

15 अगस्त की सुबह जबलपुर के 6वीं वाहिनी विसबल परेड ग्राउंड पर तिरंगा फहराया गया। पर यह केवल रस्म अदायगी नहीं थी, बल्कि यह वह क्षण था जब झंडे के साथ अनुशासन और उम्मीदें भी हवा में लहराईं। कमांडेंट श्री सिद्धार्थ चौधरी (भा.पु.से.) ने ध्वजारोहण किया और जवानों को संदेश दिया…..कड़ी मेहनत और अनुशासन ही हमारी पहचान है। यह बयान उस परेड ग्राउंड पर गूंजा, जहाँ वर्दियों का पसीना और देश के लिए समर्पण ही असली पराक्रम है।


पूर्व संध्या पर हुई सांस्कृतिक संध्या ने माहौल को भावुक बना दिया। जवानों के बच्चों ने जब मंच पर गीत गाए और नृत्य प्रस्तुत किए तो लगा जैसे आज़ादी की मशाल केवल किताबों में नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ते उत्साह में भी जीवित है।
इस साल भी सहकारी साख समिति ने कक्षा 9वीं से 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार दिए। यह सिर्फ़ सम्मान नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि तिरंगे के रंग सिर्फ़ बलिदान और शौर्य से नहीं, बल्कि ज्ञान और परिश्रम से भी जगमगाते हैं। बच्चों की चमकती आँखें कह रही थीं…..“हम वही भविष्य हैं, जिसके लिए यह झंडा लहरता है।”

Freedom resides in the height of the tricolor and the smile of the new generation
Freedom resides in the height of the tricolor and the smile of the new generation


परेड ग्राउंड पर कमांडेंट चौधरी के साथ
डिप्टी कमांडेंट अभिषेक राजन, सहायक सेनानी मोनिका तिवारी, एम.पी. सिंह, सुबोध लोखंडे, रीना पांडे शर्मा, निरीक्षक हितेश फुलझेले, विक्रम सिंह, विजय मेहरा, सुबेदार मेजर बिलर सिंह जमरा और तमाम अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


दरअसल, 79वां स्वतंत्रता दिवस हमें एक गहरी सीख देकर गया…..आजादी का जश्न सिर्फ़ झंडा फहराना नहीं, बल्कि हर दिन जिम्मेदारी निभाना है। तिरंगा तभी असली मायनों में लहरता है जब उसकी ऊँचाई हमारे चरित्र और कर्म में भी दिखाई दे।
साइड बॉक्स / स्लोगन
“हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता…..
यही है आज़ादी की असली परिभाषा।”
रिपोर्ट आरती लोधी

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