राज्यपाल से मिलकर बसनिया बांध निर्माण पर रोक लगाने की रखी मांग सोपा ज्ञापन

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राज्यपाल से मिलकर बसनिया बांध निर्माण पर रोक लगाने की रखी मांग सोपा ज्ञापन

रेवाँचल टाईम्स – मंडला, मध्यप्रदेश के राज्यपाल का मंडला प्रवास के दौरान आज सुबह सर्किट हाउस में बसनिया (ओढारी) बांध विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष बजारी लाल सर्वटे, उपाध्यक्ष तितरा मरावी और लहरदास सोनवानी ने उनसे मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देते समय प्रदेश की पीएचई मंत्री संपत्तियां उईके उपस्थित थीं। उन्होंने राज्यपाल महोदय को कहा कि इन कृषकों की जमीन बांध में डूब रहा है। ये लोग अपनी जमीन बांध के लिए नहीं देना चाहते हैं।बजारी लाल सर्वटे ने राज्यपाल से कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के लिए आप ही हमारे संवैधानिक गार्जियन हैं।

आदिवासियों से किसी प्रकार के जमीन हस्तांतरण का नियंत्रण करना राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है।जल, जंगल और जमीन आदिवासियों की आजिविका का मुख्य साधन है।इसके खत्म होने से स्थानीय आदिवासी समुदाय का पलायन और भूखमरी के शिकार होंगे। उपाध्यक्ष तितरा मरावी ने कहा कि मंडला जिला संविधान की पांचवी अनुसूचि(आदिवासी क्षेत्र के लिए विशेष व्यवस्था) के तहत वर्गीकृत है,जहां पेसा अधिनियम प्रभावशील है।इस परियोजना के सबंध में प्रभावित ग्राम सभाओं ने बसनिया (ओढारी) बांध के विरोध में प्रस्ताव पारित कर सबंधित जिला कलेक्टर को सूचित किया है।

Meeting with the Governor, a memorandum was presented demanding a ban on the construction of Basaniya Dam
Meeting with the Governor, a memorandum was presented demanding a ban on the construction of Basaniya Dam

इसके बाबजूद भूमि अधिग्रहण के लिए धारा-11का प्रकाशन, डूब में आने वाली शासकीय (निस्तार) भूमि के लिए ग्राम सभा से अनापत्ति मांगने वाला पत्र और सर्वे को आगे बढाया जा रहा है।जो आदिवासियों को पेसा नियम के तहत प्राप्त संवैधानिक अधिकारों का हनन है।पांचवी अनुसूचि और पेसा अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकार के दायरे में हमारी ग्राम सभा बांध बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान नहीं करती है।आपसे अनुरोध है कि इस बांध को तत्काल रोक लगाने का निर्देश राज्य सरकार को देने का कष्ट करें।

Meeting with the Governor, a memorandum was presented demanding a ban on the construction of Basaniya Dam
Meeting with the Governor, a memorandum was presented demanding a ban on the construction of Basaniya Dam

ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 244 के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यों की कार्यपालन शक्ति को पांचवी अनुसूचि के प्रावधानों (धारा-2) में शिथिल किया गया है।अर्थात अनुसूचित क्षेत्रो की प्रशासनिक व्यवस्था में राज्यपाल को सर्वोच्च शक्ति एवं अधिकार दिया गया है।पांचवी अनुसूचि की धारा 5(1) राज्यपाल को विधायिका की शक्ति प्रदान करता है और यह शक्ति संविधान के किसी भी प्रावधानों से मुक्त है।प्रावधान किया गया है कि आदिवासियों से किसी प्रकार के जमीन हस्तांतरण का नियंत्रण करना राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है।

जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा 3 मार्च 2016 को विधानसभा में एक सवाल के जबाव में लिखित कहा गया है कि सात बांधो को नए भू-अर्जन अधिनियम से लागत में वृद्धि होने,अधिक डूब क्षेत्र होने,डूब क्षेत्र में वन भूमि आने से असाध्य होने के कारण निरस्त की जाती है।जिसमें बसनिया बांध भी शामिल है।


बजारी लाल सर्वटे (9300509691)
तितरा मरावी ( 9111411084)

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