मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद(योजना आर्थिक एवं संख्यकीय विभाग) अंतर्गत सीएमसीएलडीपी पाठ्यक्रम छात्र-छात्राओं ने मनाया संत शिरोमणि श्री रविदास जयंती

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले के विकास खण्ड नैनपुर में 08 फ़रवरी 2026 रविवार को मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद की (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन) अंतर्गत समाजकार्य में स्नातक एवं समाज कार्य में स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम (सीएमसीएलडीपी ) अंतर्गत संचालित कक्षाएं, विकास खंड समन्वयक श्रीमति सीता उइके के मार्गदर्शन में बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के कक्षा का संचालन किया जा रहा हैं

आज सभी कक्षा का सभी सत्र समापन के उपरांत अध्ययन केन्द्र शास. स्नातक महाविद्यालय नैनपुर में संत शिरोमणि रविदास के जयंती मनाया गया कार्यक्रम की शुरूआत आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमति उर्मिला जंघेला विशिष्ट अतिथि श्रीमति रतिमा ठाकुर एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमति सीता उइके, की उपस्थिति में संत शिरोमणि श्री रविदास जी के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित माल्यार्पन के साथ तिलक वंदन किया गया। आज के कार्यक्रम के बारें में अशोक जंघेला परामर्शदाता द्वारा संक्षिप्त में सभी छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया।

इसके तत्पश्चात कार्यक्रम में उद्बोधन सत्र में विकासखंड समन्वयक सीता उईके अंजय विश्वकर्मा, सुभाष वंशकार संतोष भाँवरें जी, द्वारा किया गया, साथ ही सभी कक्षा से 2-2 विद्यार्थियों द्वारा अपने -अपने विचार रखे जिसमे सतीश तिवारी, नारायण प्रसाद साहू ईशु नाग श्रीमति उर्मिला जंघेला जिसमें सभी लोगो के द्वारा अलग-अलग किसी ने व्यख्यान, दोहे के माध्यम से, कहानी, भजन ईश्वर के अनुयायियु मने जाते हैं, उनके स्वभाव बहुत बहादुर, साहसी समाज सुधारक के रूप में जाने जाते हैं,

उन्होंने अपने गुरु पंडित शारदा नंद से व्यक्तिगत पाठशाला में शिक्षा ग्रहण किया, उनके साथ बचपन मे बहुत भेदभाव, छुआछूत का सामना करते हुए समाज को एकता व समरसता के भाव से जोड़ने और ईश्वर ने इंसान को धरती पर पहुचाया हैं , इंसान ईश्वर को नहीं, हमेशा हमे एक दूसरे का सम्मान व हमेशा एक दूसरे का बिना भेदभाव के सहयोग करना चाहिए।

प्रत्येक वर्ग के व्यक्तियों को मिलकर ईश्वर के प्रति आस्था रखने, अपने पड़ोसियों से हमेशा मिलकर रहने को कहा। संत जी समाज मे व्याप्त बुराईयों को दूर करने के लिए काम किया। हमेशा कहते रहे मन में चंगा तो कठौती में गंगा, संत शिरोमणि रविदास जी हमेशा राम स्वरूप, हरि, गोविंद, रघुराई, राजाराम चंद्र, आदि शब्दो के रूप में अपना विचार व्यक्त करते थे। संत जी के आध्यात्मिक क्षेत्र में भी विश्वास रखते थे, मीरा बाई ने संत जी को अपना धार्मिक गुरु मानते हुए हर समय संत जी के हर बातों का अनुशरण करती थी।

समाज के सभी संत समाज व सभी वर्ग के लोग संत रविदास के आध्यत्मिक ज्ञान व विचार से बहुत प्रभावित होकर सभी संत में श्रेष्ट मानते थे, इस कारण संत शिरोमणि श्री रविदास जी की जयंती माघ पूर्णिमा को हर वर्ष बहुत धूमधाम आस्था के साथ मनाया जाता हैं।


कार्यक्रम में मंच संचालन अशोक जंघेला जी के द्वारा किया गया। अंत मे सभी लोगो का आभार व्यक्त राजाराम जंघेला जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे सुभाष वंशकार परामर्शदाता, अशोक जंघेला परामर्शदाता, अंजय विश्वकर्मा परामर्शदाता, संतोष भाँवरें परामर्शदाता, राजाराम जंघेला परामर्शदाता, बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहें।

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