एक कांस्टेबल ने सीपीआर देकर भाजपा विधायक की जान बचाई। सरकार ने उन्हें एक बड़ा इनाम और ₹50,000 की पदोन्नति दी है।

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A constable saved the life of a BJP MLA by administering CPR. The government has given him a substantial reward and a promotion of ₹50,000.

मध्य प्रदेश सरकार ने मानवता और समर्पण की अद्भुत मिसाल कायम करने वाले विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) के कांस्टेबल अरुण सिंह भदौरिया को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने कांस्टेबल को ₹50,000 का नकद इनाम और समय से पहले पदोन्नति देने को मंज़ूरी दे दी है।

मध्य प्रदेश सरकार ने मानवता और समर्पण की अद्भुत मिसाल कायम करने वाले विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) के कांस्टेबल अरुण सिंह भदौरिया को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने कांस्टेबल को ₹50,000 का नकद इनाम और समय से पहले पदोन्नति देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। कांस्टेबल भदौरिया अब हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत होंगे।

विधायक को दिल का दौरा पड़ा, कांस्टेबल ने दिखाई हिम्मत

घटना 28 सितंबर, 2024 की है, जब इंदौर जिले के राऊ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मधु वर्मा को अचानक दिल का दौरा पड़ा। मौके पर मौजूद कांस्टेबल अरुण सिंह भदौरिया ने तुरंत सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू किया और विधायक की जान बचाई। उनकी त्वरित कार्रवाई से विधायक को समय पर अस्पताल पहुँचाया गया और उनकी हालत स्थिर हो गई।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनकी खुलकर प्रशंसा की।

जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विधायक मधु वर्मा से अस्पताल गए, तो उन्हें कांस्टेबल की बहादुरी के बारे में पता चला। मुख्यमंत्री ने तुरंत अरुण सिंह भदौरिया को बुलाया और कहा कि ऐसे कांस्टेबल हमारे पुलिस परिवार का गौरव हैं। उनकी तत्परता ने न केवल एक विधायक की जान बचाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि हर पुलिस अधिकारी जीवनरक्षक हो सकता है।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने ₹50,000 का नकद पुरस्कार और बिना बारी के पदोन्नति की घोषणा की।

अब कैबिनेट से मिली औपचारिक मंजूरी

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद, मामला कैबिनेट में पहुँचा, जहाँ इसे औपचारिक मंजूरी मिल गई। गृह विभाग ने अब कांस्टेबल भदौरिया की पदोन्नति की अधिसूचना जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। राज्य सरकार का यह निर्णय न केवल एक बहादुर पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि मानवता के प्रति समर्पण और सेवा को हर स्तर पर मान्यता और पुरस्कार मिलेगा।

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