नोडल अधिकारी रहे नदारत
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा वनग्रामों में हो रही चोरिया, सो रहा वनविभाग ,पैसा एक्ट का नहीं हो रहा पालन,
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आदर्श ग्राम चांडॉ में विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. अंबेडकर के जीवन एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। ग्रामसभा में मनरेगा के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में मनरेगा के कार्य समापन की ओर हैं तथा अप्रैल माह के बाद जी राम जी योजना के तहत नए कार्य स्वीकृत होने पर जॉब कार्ड धारकों को पुनः 125 मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बजाग मुख्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम हेतु सात आवेदन प्राप्त हुए हैं,
जिनमें से पांच स्वीकृत किए जा चुके हैं। पात्र हितग्राहियों को 20 अप्रैल को आयोजित विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। योजना के तहत कुल 55 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में जमा किए जाएंगे।
जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत जल संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई तथा संरचनाओं के रखरखाव के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीणों को श्रमदान के माध्यम से घर-घर सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं, जिसमें बैगा बहुल ग्राम की बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष शामिल हुए।
ग्राम पंचायत भवन की जर्जर स्थिति के चलते सभा का आयोजन परिसर में आम के पेड़ के नीचे करना पड़ा। भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण बैठक में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने नए पंचायत भवन की मांग करते हुए बताया कि वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है, जिससे उसमें बैठना भी जोखिम भरा है।
ग्रामसभा में क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में अज्ञात चोरों द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा वेस्ट बेयर के निर्माण कार्य हेतु लाई गई रेत, गिट्टी सहित लाखों रुपये की सामग्री चोरी कर ली गई। इसके अलावा पुराने सरकारी भवनों से भी सामग्री चोरी होने की शिकायत सामने आई।
मवेशी चोरी की घटनाओं को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि वनग्राम होने के कारण पुलिस एवं वन विभाग दोनों को इस दिशा में सक्रियता दिखानी चाहिए, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
वन विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों में पेसा एक्ट के नियमों के पालन न करने का आरोप भी लगाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना कार्य किए जा रहे हैं, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। साथ ही ग्रामसभा के नोडल अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति पर भी नाराज़गी जताई गई। शनिवार को आयोजित बैठक में भी नोडल अधिकारी उपस्थित नहीं रहे, जिससे वन संबंधी समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी।
ग्रामसभा में सरपंच गोविंद बोरकर, सचिव गणेश कुशराम, मनोनीत ग्रामसभा अध्यक्ष हरिराम मंडले, उपसरपंच, पंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
