नैनपुर अस्पताल में विवाद: आपराधिक छवि के व्यक्ति की सदस्यता पर उठे सवाल, महिला वार्ड में मौजूदगी से बढ़ी चिंता

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले नैनपुर। सिविल अस्पताल नैनपुर की रोगी कल्याण समिति इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है जहाँ एक आपराधिक छवि के व्यक्ति दीपक शर्मा को कथित रूप से नियमों के विपरीत सदस्य बनाए जाने का मामला अब गंभीर विवाद का रूप लेता जा रहा है। अस्पताल कर्मचारियों, स्वसहायता समूह तथा एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधि ने उसके व्यवहार से परेशान होकर कलेक्टर से शिकायत कर उसकी सदस्यता निरस्त करने और अस्पताल परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की थी।


आरोप है कि शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक न तो प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही आवेदकों को किसी प्रकार की जानकारी दी गई है। खबर लिखे जाने तक संबंधित व्यक्ति के महिला वार्ड में बैठे होने की बात सामने आई है, जिससे वहां भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों में असहजता और भय का माहौल बना हुआ है।


स्वयं को मानता है पुलिस जिला कलेक्टर से बड़ा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान स्वयं जिला कलेक्टर ने महिलाओं की निजता और सम्मान का हवाला देते हुए प्रवेश सीमित रखा था, उसी वार्ड में एक विवादित व्यक्ति की लगातार मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। क्या यह महिलाओं की गरिमा के अनुरूप है—यह प्रश्न अब जनचर्चा का विषय बन गया है।


आपत्तिजनक फोटो भी कर चुका है वायरल
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से घूमता है, आपत्तिजनक तस्वीरें लेने का प्रयास करता है और अधिकारियों-कर्मचारियों पर दबाव बनाता है। इसके बावजूद उस पर कोई प्रतिबंध न लगना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।


अस्पताल कर्मचारियों और संबंधित पक्षों का कहना है कि यह स्थिति न केवल महिला मरीजों की सुरक्षा और सम्मान के साथ समझौता है, बल्कि शासकीय संस्थान की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है।


राजनीति संरक्षण और सक्षम अधिकारियों ने दिया अभयदान
इतने आवेदन और आपराधिक छवि के प्रमाण के बावजूद ऐसे व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंध आदेश न देना यह बताता है कि स्वयं सक्षम अधिकारियों ने ऐसे व्यक्ति को अभयदान दे कर शासकीय अस्पताल की गरिमा को मिट्टी में मिलाने की मंशा बना लिया है,अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी प्राथमिकता देता है और महिला सुरक्षा व शासकीय व्यवस्था की साख बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनपुर के दीपक शर्मा जो कि आदतन अपराधी है जिनका पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है और वह कभी स्वयं भू पत्रकार बन जाता है या फिर कभी समाज सेवी बन जाता है या फिर कभी जनप्रतिनिधि बन जाता है और यह लोगो को बतलाता है कि मेरी पुलिस अधीक्षक और आई जी डी आई जी से बहुत अच्छी है जो काम बोलो में करा सकता है तो कभी कहता है कि मेरी सांसद फग्गनसिंह से अच्छी पकड़ है उनसे में कोई काम बोलू तो कर देते है में आये दिन उनके साथ और उनके दौरों में शामिल रहता है तो कभी लोगो यह बतलाता फिरता है कि विधायक और मंत्री सम्पतिया उईके में मेरी दीदी है मेरा कोई काम नही रुकता है कौन सा काम करवाना है बतलाओ अभी फोन में बात कर लेता हूँ।

ज्यादा हुआ तो नैनपुर थाने के आसपास घूम घूम कर पता लगता फिरता है कि आज कौन कौन सा केस थाने में आये है फिर लग जाता है मंडवाली करने को वही नैनपुर की जनता दीपक शर्मा को लेकर तरह तरह की चर्चा करते हुए भय में जी रहे हैं।

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