गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों एवं आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
रेवांचल टाइम्स छिन्दवाड़ा
कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आज महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर नारायन ने गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सभी मामलों की नियमित निगरानी की जाए ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर सेवाएं प्राप्त हो सकें।
बैठक में अति गंभीर कुपोषित (सेम) एवं कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर नारायन ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को आवश्यकता के अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने तथा एनआरसी में उपलब्ध पोषण एवं अन्य व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर नारायन ने जिले में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की जानकारी तत्काल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे भवनों में किसी भी स्थिति में बच्चों को न बैठाया जाए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश कुमार शिवहरे सहित जिले के समस्त परियोजना अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, हितग्राहियों तक सेवाओं की पहुंच तथा पोषण संबंधी गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
