काशी से कन्याकुमारी तक सीधी रेल सेवा की मांग तेज

Revanchal
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महाकौशल के रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह ने रेलवे मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव, आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

जबलपुर
महाकौशल क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार और उपेक्षित रेल मार्गों को राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार सक्रिय रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “बनारस–कन्याकुमारी (काशी तमिल संगमम) एक्सप्रेस” नाम से नई लंबी दूरी की ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजा है। यह प्रस्ताव उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच सीधी एवं बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

अथर्व सिंह पिछले सात वर्षों से महाकौशल एवं आदिवासी अंचलों में रेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड को भेजे गए अपने विस्तृत पत्र में कहा है कि वर्तमान में जबलपुर–नैनपुर–सिवनी–छिंदवाड़ा रेल मार्ग पर लंबी दूरी की सीधी ट्रेन सुविधा का अभाव है, जिसके कारण यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलकर यात्रा करनी पड़ती है। इससे यात्रियों का समय और धन दोनों अतिरिक्त रूप से खर्च होता है।

प्रस्तावित “काशी तमिल संगमम एक्सप्रेस” का संचालन प्रयागराज छिवकी, सतना, जबलपुर, नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, नागपुर, चंद्रपुर, विजयवाड़ा, ओंगोल, रेनिगुंटा, तिरुचिरापल्ली, मदुरै होते हुए कन्याकुमारी तक किए जाने का सुझाव दिया गया है। विशेष रूप से इस ट्रेन को जबलपुर–नैनपुर–सिवनी–छिंदवाड़ा–नागपुर रेल सेक्शन से चलाने पर जोर दिया गया है, क्योंकि यह नया विकसित रेल कॉरिडोर वर्तमान में पर्याप्त उपयोग की प्रतीक्षा कर रहा है।

अथर्व सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह पूरा क्षेत्र आदिवासी बहुल एवं विकास की दृष्टि से पिछड़ा माना जाता है, जहां आज भी लंबी दूरी की रेल सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में इस ट्रेन के संचालन से क्षेत्र के लोगों को प्रयागराज, नागपुर, चेन्नई और कन्याकुमारी जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल रेल सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक एवं धार्मिक एकता को भी मजबूत करेगा। “काशी तमिल संगमम” जैसी राष्ट्रीय पहल को व्यावहारिक स्वरूप देने में यह ट्रेन अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही जबलपुर, नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रेलवे मंत्रालय को भेजा गया यह प्रस्ताव पंजीकरण संख्या MORLY/E/2026/0021131 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। मामला वर्तमान में रेलवे बोर्ड के विचाराधीन है तथा इसे रेलवे बोर्ड के Executive Director (PG) श्री रत्नेश कुमार झा के कार्यालय को अग्रेषित किया गया है।

अपने पत्र के अंत में अथर्व सिंह ने जनहित, क्षेत्रीय संतुलित विकास तथा नए रेल मार्गों के समुचित उपयोग का हवाला देते हुए मांग की है कि “बनारस–कन्याकुमारी (काशी तमिल संगमम) एक्सप्रेस” को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर संचालन शुरू किया जाए, ताकि महाकौशल और आदिवासी क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा से मजबूत रेल संपर्क के माध्यम से जोड़ा जा सके।

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