धूमा थाना चर्चा में: एएसआई पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने और मोबाइल पर पैसे मांगने के आरोप…..!

Revanchal
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जांच की धीमी रफ्तार पर उठे सवाल

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – धूमा/सिवनी। सिवनी जिले में धूमा थाना इन दिनों एक बार फिर पुलिस चर्चाओं में है। जहाँ थाने में पदस्थ एक एएसआई पर निष्पक्षता से कार्य नहीं करने, और एक विशेष वर्ग के लोगों का पक्षधर होकर पीड़ितों द्वारा दिए जाने वाले आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं करने तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कथित रूप से गलत निराकरण दर्ज कराने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर पीड़ितों एवं स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गई हैं।


वही जानकारी के मुताबिक़ इसी बीच उक्त एएसआई से जुड़ा एक पुराना मोबाइल ऑडियो और डिजिटल लेन-देन का स्क्रीनशॉट भी चर्चा का विषय बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ऑडियो में एएसआई कथित रूप से पैसों की मांग करते हुए सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि मोबाइल पे के माध्यम से एक हजार रुपये प्राप्त करने के बाद भी एक हजार रुपये और मांगे गए। शिकायतकर्ताओं ने मोबाइल ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने का दावा किया है।


शिकायतकर्ताओं का कहना है कि थाना स्तर पर उनके द्वारा दिए गए कई आवेदनों पर निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी हुई। साथ ही आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में वास्तविक तथ्यों के विपरीत निराकरण दर्ज कर शिकायतों का समुचित समाधान नहीं किया गया।


पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दिए जाने के बाद भी जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही है। उनका कहना है कि जांच की धीमी रफ्तार से मामले से जुड़े साक्ष्य एवं सबूत प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।


मामले को लेकर स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी लिखित रूप से स्थानीय विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है। बताया जा रहा है कि विधायक ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक, सिवनी को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है।
तो वहीं एएसआई को आडियो की शिकायत की भनक लगते ही एएसआई बचाव के लिए एक प्रतिष्ठित अखबार के प्रतिनिधि व व्यापारी की दुकान पर जाकर अपनी हाजरी लगा चुके हैं। और संबंधित गबाह पर दबाव बनाने की रुपरेखा तैयार किए जाने की चर्चा गर्म है।


वही अब यह मामला क्षेत्र में जोरो से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीयों को शिकायत पर उपलब्ध कराए गए ऑडियो, डिजिटल लेन-देन संबंधी दस्तावेजों तथा अन्य प्रस्तुत साक्ष्यों की समय रहते जांच अधिकारी निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई जल्द कर पायेंगें। या जांच में लेट लतीफी कर दोषी पुलिस कर्मी को बचने का मौका देंगे।

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