हौसलों की उड़ान 20 किमी का कठिन रात्रिकालीन ट्रेक कर 20 युवाओं ने फहराया चौरागढ़ पर परचम

Revanchal
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​यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन की सतपुड़ा इकाई का आध्यात्मिक साहसिक ट्रेक संपन्न; 15 से 61 वर्ष तक के प्रतिभागी शामिल

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

छिंदवाड़ा के साहसी युवाओं ने एक बार फिर अपनी संकल्प शक्ति का लोहा मनवाया है। यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सतपुड़ा इकाई द्वारा आयोजित एक दिवसीय महादेव चौरागढ़ आध्यात्मिक साहसिक ट्रेक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इकाई चेयरमैन प्रदीप वाल्मीकि ‘सतपुड़ा सिंघम’ एवं सचिव हिमांशु जायसवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस ट्रेक ने भक्ति और साहस का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

​मध्यरात्रि में शुरू हुआ ‘मिशन महादेव’

​ट्रेक का उत्साहवर्धन करते हुए इकाई उपाध्यक्ष अरविंद भट्ट ने दल को शुभकामनाएं देकर रवाना किया। ट्रेक डायरेक्टर मोहित सूर्यवंशी एवं दीना नाथ पवार के नेतृत्व में 20 सदस्यीय दल रात्रि 8 बजे बस द्वारा भूराभगत पहुंचा। असली चुनौती आधी रात को शुरू हुई, जब रात्रि 12 बजे दल ने घने जंगलों के बीच 20 किलोमीटर लंबे दुर्गम रात्रिकालीन ट्रेक का आगाज किया। महादेव के जयकारों के साथ दल सुबह 5 बजे चौरागढ़ मंदिर पहुंचा और दर्शन लाभ लिया।


​दुर्गम रास्तों पर दिखा गजब का जज्बा

​वापसी का सफर और भी चुनौतीपूर्ण था। दल पचमढ़ी के मट क्षेत्र से होते हुए सतपुड़ा के उन घने और बीहड़ जंगलों से गुजरा जहाँ रास्ते बेहद दुर्गम थे। शाम 4 बजे भूराभगत पहुँचने पर इस साहसिक यात्रा का समापन हुआ।


​प्रेरणा की मिसाल दादी और पोती की उम्र के ट्रेकर्स ने दी मात
​इस ट्रेक की सबसे बड़ी विशेषता प्रतिभागियों का आयु वर्ग रहा


​वरिष्ठता का सम्मान: 61 वर्षीय श्रीमती सुनिता बंदेवार ने अपनी ऊर्जा से युवाओं को हैरान कर दिया। वे दल की सबसे वरिष्ठ सदस्य रहीं।
​युवा जोश मात्र 15 वर्षीय कु. अमरता कंगाली ने सबसे कम उम्र की ट्रेकर के रूप में सफलतापूर्वक लक्ष्य प्राप्त कर साहस का परिचय दिया।


​इकाई पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों के सफल आगमन पर खुशी जताई और भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक व साहसिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

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